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'नया भारत घर में घुसकर मारता है तो हमने भी चूड़िया नहीं पहनीं...' UN में पाकिस्तान ने फिर दी गीदड़भभकी

Target Killing in Pakistan: संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के स्थायी राजदूत मुनीर अकरम ने कहा कि नया भारत काफी खतरनाक है, वह आपके घर में घुसकर मारता है और उसका यह अभियान सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि अमेरिका और कनाडा में भी सक्रिय है। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में हो रही टारगेट किलिंग का मुद्दा उठाया।

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संयुक्क राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम

Photo : ANI

Target Killing in Pakistan: संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर से पाकिस्तान ने अपना दुखड़ा रोते हुए भारत को गीदड़भभकी है। पाकिस्तान ने कहा है कि नया भारत आपके घर में घुसता है और आपको मारता है, लेकिन हमने भी चूड़ियां नहीं पहनी है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के स्थायी राजदूत मुनीर अकरम ने भारत के खिलाफ एक बार फिर जहर उगला। उन्होंने कहा, नया भारत काफी खतरनाक है, वह आपके घर में घुसकर मारता है और उसका यह अभियान सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि अमेरिका और कनाडा में भी सक्रिय है।

उन्होंने बीते दिनों अमेरिकी दैनिक में छपी रिपोर्ट का हलावा देते हुए कहा कि कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर के आलवा भारत सरकार ने विदेशी धरती पर रहने वाले राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए पाकिस्तान में भी लक्षित हत्याओं को अंजाम दिया है। बात दें, भारत इन आरोपों को कई बार सिरे से खारिज कर चुका है कि इस तरह की घटनाओं में उसका किसी तरह से हाथ है।

यूएन में उठाया टारगेट किलिंग का मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र संघ में पाकिस्तान के राजदूत ने टारगेट किलिंग की घटनाओं को लेकर भारत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सुरक्षा परिषद, महासचिव और महासभा के अध्यक्ष को पाकिस्तान में टारगेट किलिंग की घटनाओं के लिए भारत के अभियान के बारे में सूचित किया था। उन्होंने कहा, भारत का यह अभियान सिर्फ पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं है। कनाडा और अमेरिका में भी इसी तरह की घटनाओं के लिए भारत सरकार सक्रिय है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नया भारत काफी खतरनाक है ओर यह सुरक्षा नहीं बल्कि असुरक्षा का प्रदाता है।

विदेशी अखबार में भी किया गया था दावा

बता दें, इससे पहले एक ब्रिटिश अखबार ने दावा किया था कि भारत सरकार के आदेश पर ही पाकिस्तान में आतंकवादियों को ठिकाने लगाया जा रहा है। अखबार में कहा गया था कि ये हत्याएं विदेशी सरजमीं पर मौजूद आतंकवादियों को खत्म करने की भारत की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। दावा किया जाता है कि पाकिस्तान में 2020 के बाद से अब तक 20 आतंकी मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी राजदूत ने पीएम मोदी के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने चूडियां नहीं पहनी हैं और वह एक परमाणु संपन्न राष्ट्र है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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