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दस्तावेज में पाकिस्तान ने माना-‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत की कार्रवाई में हुआ बड़े पैमाने पर नुकसान

यह विवरण पाकिस्तान की ओर से ‘ऑपरेशन बनयान-उम-मर्सूस’ पर जारी किए गए दस्तावेज में शामिल है, जिसे भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में शुरू किया गया था। पाकिस्तानी मीडिया के साथ साझा किए गए दस्तावेज में आठ, नौ और 10 मई को भारत की ओर से पाकिस्तान में किए गए ड्रोन हमलों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है।

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पाकिस्तान ने व्यापक नुकसान की बात मानी।

Operation Sindoor: पाकिस्तान के एक नये दस्तावेज ने पिछले महीने चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी ठिकानों पर भारत के सटीक हमलों पर नये सिरे से रोशनी डाली है, क्योंकि इसमें कम से कम सात ऐसे ठिकानों का जिक्र किया गया है, जिनके बारे में पहले पता नहीं था। दस्तावेज में कहा गया है कि भारत ने खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर, सिंध प्रांत के अटक, बहावलनगर, छोर और हैदराबाद तथा पंजाब प्रांत के गुजरात और झंग में विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाया।

ड्रोन हमलों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है

यह विवरण पाकिस्तान की ओर से ‘ऑपरेशन बनयान-उम-मर्सूस’ पर जारी किए गए दस्तावेज में शामिल है, जिसे भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में शुरू किया गया था। पाकिस्तानी मीडिया के साथ साझा किए गए दस्तावेज में आठ, नौ और 10 मई को भारत की ओर से पाकिस्तान में किए गए ड्रोन हमलों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है।

नौ ठिकानों को निशाना बनाया

भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था, जिसके तहत पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लंबी दूरी के हथियारों से आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के मरकज तैयबा, बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मरकज सुभान अल्लाह और सियालकोट में हिजबुल मुजाहिदीन के महमूना जोया सहित नौ ठिकानों को निशाना बनाया था।

पाकिस्तानी हमलों का भारत ने करारा जवाब दिया

भारतीय सशस्त्र बलों ने बरनाला के मरकज अहले हदीस में लश्कर के अड्डे और मुजफ्फराबाद के शवाई नाला में संगठन के शिविर पर भी हमला किया था। भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की थी। पाकिस्तानी हमलों का भारत ने करारा जवाब दिया था। उसने पाकिस्तानी वायुसेना के ठिकानों, वायु रक्षा प्रणालियों, कमान एवं नियंत्रण केंद्रों तथा रडार स्थल सहित कई प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाया था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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