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पीएम मोदी के नाम एक और कीर्तिमान, द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर पुरस्कार से सम्मानित करेगा नाइजीरिया

The Grand Commander of The Order of the Niger: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में नाइजीरिया में हैं। इस बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है कि नाइजीरिया उन्हें अपने देश के पुरस्कार द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर से सम्मानित करेगा।

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पीएम मोदी को द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर से सम्मानित करेगा नाइजीरिया।

PM Modi in Nigeria: तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को नाइजीरिया पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी को नाइजीरिया में एक बड़े पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पीएम मोदी दूसरे व्यक्ति हैं, जिस विदेशी गणमान्य को इससे सम्मानित किया जाना है। इस पुरस्कार का नाम द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर [GCON] है।

द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर पुरस्कार से सम्मानित

नाइजीरिया प्रधानमंत्री मोदी को अपने पुरस्कार द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर [जीसीओएन] से सम्मानित करेगा। महारानी एलिजाबेथ एकमात्र विदेशी गणमान्य हैं जिन्हें 1969 में जीसीओएन से सम्मानित किया गया था। यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 17वां ऐसा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार होगा।

तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में नाइजीरिया पहुंचे पीएम मोदी

नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू के निमंत्रण पर पीएम मोदी यहां पहुंचे हैं। वह ब्राजील और गुयाना भी जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अबुजा पहुंच गए हैं। मंत्री न्येसोम एजेनवो वाइक ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को अबुजा शहर की ‘कुंजी’ भेंट की। यह ‘कुंजी’ प्रधानमंत्री पर नाइजीरिया के लोगों के विश्वास और उनके प्रति सम्मान को प्रदर्शित करती है।'

पीएम मोदी के स्वागत की कुछ तस्वीरें भी साझा की गईं

विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के स्वागत की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। प्रधानमंत्री मोदी ने नाइजीरिया के राष्ट्रपति टीनुबू द्वारा ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट का जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। राष्ट्रपति टीनुबू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'हमारी द्विपक्षीय चर्चाओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करना तथा महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। प्रधानमंत्री मोदी नाइजीरिया में आपका स्वागत है।'

नाइजीरियाई राष्ट्रपति के पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, 'धन्यवाद, राष्ट्रपति टीनुबू। कुछ समय पहले ही नाइजीरिया पहुंचा हूं। गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभारी हूं। मेरी कामना है कि यह यात्रा हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाए।' मोदी ने कहा, 'नाइजीरिया में भारतीय समुदाय के इतने गर्मजोशी भरे स्वागत से बहुत खुशी हुई।' उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, 'नाइजीरिया में मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने पर मराठी समुदाय ने खुशी जताई है। यह वाकई सराहनीय है कि वे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े हुए हैं।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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