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दुखद अंत! 16 साल पहले पति की प्लेश क्रैश में हुई थी मौत, फिर पत्नी ने भी कैप्टन बनने से पहले नेपाल विमान हादसे में गंवा दी जान

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 16, 2023, 04:20 PM IST

Nepal Plane Crash, नेपाल विमान हादसा: विमान को सीनियर कैप्टन कमल केसी चला रहे थे और अंजू विमान में सह-पायलट थीं। विमान रविवार को सेती नदी के किनारे स्थित जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस यात्री विमान में 72 लोग सवार थे। विमान में सवार सभी लोग मारे गए हैं। जिसमें से पांच भारत के भी नागरिक शामिल हैं।

Nepal Plane Crash: नेपाल विमान हादसे में मारी गई को-पायलट अंजू खतीवड़ा (Anju Khatiwada) की कहानी काफी दर्दनाक है। उनके पति की मौत भी 16 साल पहले एक विमान हादसे में हो गई थी। हादसे के समय उनके पति ही विमान के को-पायलट थे। उनकी मौत के बाद ही अंजू पायलट बनीं थी।

सपने का दुखद अंत

अंजू खतीवड़ा की को-पायलट के रूप में ये आखिरी उड़ान थी। इस उड़ान के पूरा होने के बाद वो उड़ान की उस समय सीमा को पार कर जातीं, जिसके बाद उनका प्रमोशन होता और वो कैप्टन बन जातीं, लेकिन उनका सपना अधुरा ही रह गया और नेपाल विमान हादसे में अपनी जान गंवा बैठीं।

पति भी हुए थे प्लेन क्रैश के शिकार

अंजू खतीवड़ा के पति दीपक पोखरेल भी एक पायलट थे। 16 साल पहले 21 जून 2006 को वो को-पायलट के रूप में एक विमान में तैनात थे, जब वह विमान क्रैश कर गया। इस विमान हादसे में दीपक की मौत हो गई।

एक ही एयरलाइंस में पायलट

अंजू और दीपक एक ही एयरलाइंस के पायलट थे। जब दीपक का विमान क्रैश हुआ था तब वो नेपाल की यति एयरलाइंस में को-पायलट के पद पर तैनात थे। आज जब 16 साल बाद अंजू की मौत जिस विमान हादसे में हुई है वो भी यति एयरलाइंस में ही को-पायलट थीं।

क्या हुआ नेपाल विमान हादसे में

विमान को सीनियर कैप्टन कमल केसी चला रहे थे और अंजू विमान में सह-पायलट थीं। इस विमान में 72 लोग सवार थे। इनमें से किसी की भी जान नहीं बची है। अभी तक 68 लोगों के शव निकाले गए हैं, जिनकी पहचान की कोशिश जारी है। इस विमान में पांच भारतीय भी सवार थे।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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