Nepal Plane Crash: नेपाल विमान हादसे में मारी गई को-पायलट अंजू खतीवड़ा (Anju Khatiwada) की कहानी काफी दर्दनाक है। उनके पति की मौत भी 16 साल पहले एक विमान हादसे में हो गई थी। हादसे के समय उनके पति ही विमान के को-पायलट थे। उनकी मौत के बाद ही अंजू पायलट बनीं थी।
सपने का दुखद अंत
अंजू खतीवड़ा की को-पायलट के रूप में ये आखिरी उड़ान थी। इस उड़ान के पूरा होने के बाद वो उड़ान की उस समय सीमा को पार कर जातीं, जिसके बाद उनका प्रमोशन होता और वो कैप्टन बन जातीं, लेकिन उनका सपना अधुरा ही रह गया और नेपाल विमान हादसे में अपनी जान गंवा बैठीं।
पति भी हुए थे प्लेन क्रैश के शिकार
अंजू खतीवड़ा के पति दीपक पोखरेल भी एक पायलट थे। 16 साल पहले 21 जून 2006 को वो को-पायलट के रूप में एक विमान में तैनात थे, जब वह विमान क्रैश कर गया। इस विमान हादसे में दीपक की मौत हो गई।
एक ही एयरलाइंस में पायलट
अंजू और दीपक एक ही एयरलाइंस के पायलट थे। जब दीपक का विमान क्रैश हुआ था तब वो नेपाल की यति एयरलाइंस में को-पायलट के पद पर तैनात थे। आज जब 16 साल बाद अंजू की मौत जिस विमान हादसे में हुई है वो भी यति एयरलाइंस में ही को-पायलट थीं।
क्या हुआ नेपाल विमान हादसे में
विमान को सीनियर कैप्टन कमल केसी चला रहे थे और अंजू विमान में सह-पायलट थीं। इस विमान में 72 लोग सवार थे। इनमें से किसी की भी जान नहीं बची है। अभी तक 68 लोगों के शव निकाले गए हैं, जिनकी पहचान की कोशिश जारी है। इस विमान में पांच भारतीय भी सवार थे।
