ब्लू ओरिजिन की ऐतिहासिक उड़ान (Photo- REUTERS)
अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने वाली कंपनी ब्लू ओरिजिन ने गुरुवार (अमेरिका के समय के अनुसार) को एक बड़ी कामयाबी हासिल की। कंपनी ने न्यू ग्लेन नाम के अपने बड़े रॉकेट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा, जिसमें नासा के मंगल ग्रह पर जाने वाले दो स्पेसक्राफ्ट सवार थे। सबसे बड़ी बात यह हुई कि रॉकेट का जो निचला हिस्सा, जिसे बूस्टर कहा जाता है, उड़ान भरने के बाद वापस आया। इस बूस्टर को ब्लू ओरिजिन कंपनी ने सफलतापूर्वक जमीन पर उतारा है।
बता दें कि बीते दिनों मौसम खराब होने की वजह से लॉन्चिंग में देरी हो गई थी। लेकिन गुरुवार (अमेरिका के समय के अनुसार) को जब यह रॉकेट उड़ा, तो कंपनी को अपने बूस्टर को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए बचा लेने में सफलता मिल गई। गुरुवार से पहले, केवल एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ही अपने बड़े रॉकेटों के साथ यह काम कर पाई थी। यानी, ब्लू ओरिजिन अब रॉकेट के महंगे हिस्से को दोबारा इस्तेमाल करने वाली दूसरी कंपनी बन गई है।
अमेरिकी समय के अनुसार, 9 नवंबर को मंगल मिशन लॉन्च किया जाना था। लेकिन क्यूम्यलस क्लाउड रूल’ यानी घने बादलों के नियम की वजह से सुरक्षा कारणों के चलते लॉन्च को रद्द करना पड़ा। खराब स्थानीय मौसम और सौर तूफानों के कारण लॉन्च में करीब 4 दिन की देरी हुई। बूस्टर लैंडिंग के सफल होने के बाद कंपनी के एक कर्मचारियों ने नारा लगाया, "अगला पड़ाव, चांद!" सफल लॉन्चिंग और बूस्टर को जमीन पर सफलतापूर्वक उतराने के बाद दिन-रात कड़ी मेहनत करने वाली कंपनी के वर्कर में उत्साह देखने को मिला।
बता दें कि आज से पहले जनवरी में न्यू ग्लेन की पहली परीक्षण उड़ान ने एक प्रोटोटाइप उपग्रह को कक्षा में पहुंचाया था, लेकिन उस दौरान बूस्टर को अटलांटिक में अपने तैरते हुए प्लेटफॉर्म पर उसे उतारने में सफलता नहीं मिल पाई थी। लेकिन इस बार बूस्टर ने जमीन पर सफल लैंडिंग की है।