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पापुआ न्यू गिनी की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय PM हैं मोदी, जानिए क्यों खास है यह दौरा

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 19, 2023, 02:01 PM IST

PM Modi Papua New Guinea visit : प्रधानमंत्री मोदी एशिया प्रशांत क्षेत्र के देश पापुआ न्यू गिनी जाएंगे। यह किसी भारतीय पीएम की इस देश की पहली यात्रा है। पापुआ एशिया प्रशांत क्षेत्र का एक अहम देश है। बदलती अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए भारत इस देश के साथ अपने रिश्ते प्रगाढ़ करना चाहता है।

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तीन देशों के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी।

Photo : PTI

PM Modi Papua New Guinea visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को तीन देशों जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रवाना हो गए। पीएम मोदी 19 मई से 24 मई तक इन तीन देशों के दौरे पर रहेंगे। अपनी यात्रा के पहले चरण में पीएम जापान के शहर हिरोशिमा में होंगे। यहां वह जी-7 की अहम बैठक में शरीक होंगे। इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री पापुआ न्यू गिनी एवं ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री का तीन देशों का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान जहां प्रधानमंत्री की जी-7 के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें होंगी।

पापुआ न्यू गिनी जाने वाले भारत के पहले PM

प्रधानमंत्री मोदी एशिया प्रशांत क्षेत्र के देश पापुआ न्यू गिनी जाएंगे। यह किसी भारतीय पीएम की इस देश की पहली यात्रा है। पापुआ एशिया प्रशांत क्षेत्र का एक अहम देश है। बदलती अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए भारत इस देश के साथ अपने रिश्ते प्रगाढ़ करना चाहता है। पीएम की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कारोबार एवं विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।

14 द्विपीय देशों के सम्मेलन में होंगे शरीक

बता दें कि 2014 में इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स को-ऑपरेशन की शुरुआत हुई थी। इस समूह में भारत और प्रशांत द्वीप के 14 देश- फिजी, पापुआ न्यू गिनी, टोंगा, तुवालु, किरिबाती, समोआ, वानुआतु, नीयू, माइक्रोनेशिया, मार्शल द्वीप समूह, कुक द्वीप समूह, पलाऊ, नाउरू और सोलोमन द्वीप शामिल हैं। पापुआ में 22 मई को 'इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स को-ऑपरेशन' सम्मेलन आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी सह-अध्यक्ष होंगे। भारत का लक्ष्य इन छोटे-छोटे द्विपीय देशों के साथ आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

द्विपक्षीय वार्ता और सहयोग बढ़ाना लक्ष्य

मोरेस्बी में प्रधानमंत्री मोदी पापुआ न्यू गिनी के नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। साथ ही, उनका फिजी के प्रधानमंत्री रोबुका से मिलने का भी कार्यक्रम है। अपनी इस द्विपीय देश की यात्रा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं आभारी हूं कि सभी 14 प्रशांत द्वीपीय देशों (पीआईसी) ने इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। एफआईपीआईसी की शुरुआत 2014 में मेरी फिजी यात्रा के दौरान की गई थी। मैं पीआईसी नेताओं के साथ उन मुद्दों पर बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं, जो हमें साथ लाते हैं, जैसे कि जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास, क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण, स्वास्थ्य एवं कल्याण, बुनियादी ढांचा और आर्थिक विकास।'

भारत में 1996 में खुला पीएनजी का मिशन

पापुआ न्यू गिनी पहले ऑस्ट्रेलिया का नियंत्रण था। यह देश 1975 में आजाद हुआ जिसके बाद भारत के साथ इसके राजनयिक संबंध स्थापित हुए। पोर्ट मोरेस्बी में भारत ने साल 1996 में अपना पहला मिशन खोला। जबिक पीएनजी ने साल 2006 में दिल्ली में अपने दूतावास की शुरुआत की। दोनों ही देश कॉमनवेल्थ देशों में शामिल हैं और दोनों के बीच सद्भावपूर्ण रिश्ते हैं। ज्यादातर वैश्विक मुद्दों पर दोनों देश एक राय रखते हैं। 70 लाख की जनसंख्या वाले इस देश के साथ भारत कारोबार करता है। साल 2010-11 में भारत ने पीएनजी को 22 मिलियन डॉलर का निर्यात और 217 मिलियन डॉलर का आयात किया।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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