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पीएम मोदी के मुरीद हुए फीजी के मंत्री, बोले- जमीनी स्तर पर विकास के चैंपियन हैं नरेंद्र मोदी

World News: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता किसी के छिपी नहीं है। इसी बीच एक और विदेशी नेता ने पीएम मोदी के विकास कार्यों की सराहना की है। फीजी के मंत्री भारतीय पीएम के मुरीद हुए और उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जमीनी स्तर पर विकास के चैंपियन हैं।

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फीजी के मंत्री ने पीएम मोदी के काम की जमकर तारीफ की।

Fiji minister admires PM Modi: फिजी के लोक निर्माण, मौसम और परिवहन मंत्री आरओ फिलिप तुइसाव ने भारत सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों में चलाई जा रही योजनाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने पीएम मोदी जमीनी स्तर पर विकास को लाने वाला चैंपियन करार दिया। फिलिप तुइसाव इंटरनेशनल सोलर अलायंस में भाग लेने के लिए भारत के दौरे पर है।

पीएम मोदी के काम करने के तरीके से बहुत प्रभावित

फिजी के मंत्री ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमीनी स्तर पर विकास के चैंपियन हैं। मैं उनके काम करने के तरीके से बहुत प्रभावित हूं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों और समाज के कमजोर वर्गों की बेहतरी के लिए कई परियोजनाएं चलाई हैं। तुइसाव ने कहा, 'मैंने उनकी किताब पढ़ी है और उनके कुछ प्रोजेक्ट्स से मैं बहुत खुश हूं। हम भारत सरकार के साथ और करना चाहेंगे। खास तौर से उनके ग्रामीण इलाकों के विकास की परियोजनाओं से हम सीखना चाहेंगे, जो हमारे लिए एक सीखने की मॉडल हैं।'

बता दें, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का सातवां सत्र भारत की अध्यक्षता और फ्रांस की सह-अध्यक्षता में आयोजित हो रहा है।

भारत सरकार के लिए क्या बोले फीजी के मंत्री?

120 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देशों के मंत्री, मिशन प्रमुख और प्रतिनिधि, भागीदार संगठनों और हितधारकों के साथ, असेंबली में एक शामिल हो रहे हैं। इस तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान, मुख्य ध्यान ऊर्जा पहुंच, सुरक्षा और संक्रमण को बेहतर बनाने की पहलों पर रहेगा।

सम्मेलन में, चर्चा का मुख्य बिंदु वे साधन और तरीके होंगे जिन्हें सदस्य देशों में सौर ऊर्जा की तैनाती में तेजी लाने के लिए अपनाया जाएगा, खास तौर पर सीमित ऊर्जा पहुंच वाले क्षेत्रों में।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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