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म्यांमार की सेना ने अपने लोगों पर ही बरसाए बम, महिलाओं और बच्चों समेत 100 को उतारा मौत के घाट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 12, 2023, 08:41 AM IST

Myanmar Airstrike: म्यांमार की सेना ने फरवरी, 2021 में तख्तापलट किया था और देश की कमान अपने हाथ में ले ली थी। इसके बाद से यह मुल्क अशांत है। यहां सेना के शासन के खिलाफ लगातार विद्रो हो रहा है। इस विद्रोह में करीब 3000 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है।

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म्यांमार की सेना ने अपने ही लोगों पर की एयरस्ट्राइक

Photo : AP

Myanmar Airstrike: म्यांमार की सेना ने मंगलवार को अपने ही देश के नागरिकों पर करारा हमला किया। सैन्य शासन के विरुद्ध जमा भीड़ पर सेना ने कार्रवाई करते हुए बम बरसाए। इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम सौ लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, म्यांमार के प्रशासकों ने इस हमले की पुष्टि की है।

जानकारी के मुताबिक, म्यांमार में सैन्य शासन के विरोध में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सैंकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे, जिस पर सेना ने एयर स्ट्राइक की और 100 से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट का दफ्तर तबाह

जानकारी के मुताबिक, सेना की ओर से किए गए हवाई हमले में सैन्य शासन विरोधी समूह नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट का दफ्तर तबाह हो गया है। जिस कार्यक्रम में हमला किया गया, वह इसी समूह द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम था। जानकारी के मुताबबिक, इस हमले में सैन्य शासन का विरोध करने वाले कई नेताओं की मृत्यु भी हुई है। बता दें, म्यांमार की सेना ने फरवरी, 2021 में तख्तापलट किया था और देश की कमान अपने हाथ में ले रही थी। तब से लेकर अब तक म्यांमार में सेना के शासन के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इसमें 3000 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हो चुकी है।

यूएन ने की हमले की निंदा

उधर, संयुक्त राष्ट्र संघ ने आम नागरिकों पर इस तरह के हमले की निंदा की है। कहा गया है कि म्यांमार से सामने आई रिपोर्ट काफी परेशान करने वाली है। सेना के हेलीकॉप्टर ने कार्यक्रम में नृत्य कर रहे बच्चों पर बम बरसाए।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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