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Mpox नहीं है नया कोविड, इस बीमारी को रोका जा सकता है...WHO ने किया साफ

WHO ने हाल ही में दो वर्षों में दूसरी बार एमपॉक्स को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। यह कांगो में बीमारी के फैलने के बाद हुआ जो बाद में पड़ोसी अफ्रीकी देशों में फैल गया।

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Mpox कितना खतरनाक

Photo : AP

WHO on Mpox: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि एमपॉक्स (Mpox) नया कोविड नहीं है और सामान्य आबादी के लिए इसका जोखिम कम है। WHO के यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. हंस क्लूज ने एमपॉक्स और कोरोना वायरस महामारी के बीच तुलना को खारिज कर दिया। क्लूज ने कहा कि हम सभी क्षेत्रों और महाद्वीपों में एक साथ मिलकर एमपॉक्स से निपट सकते हैं और हमें ऐसा करना ही चाहिए।

यूरोप और दुनिया के लिए अहम परीक्षा

उन्होंने कहा, क्या हम विश्व स्तर पर एमपॉक्स को नियंत्रित करने और खत्म करने के लिए सिस्टम स्थापित करना चुनेंगे? या क्या हम घबराहट और फिर उपेक्षा के एक और चक्र में प्रवेश करेंगे? हम अब और आने वाले वर्षों में कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, यह यूरोप और दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा साबित होगी। WHO ने हाल ही में दो वर्षों में दूसरी बार एमपॉक्स को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। यह कांगो में बीमारी के फैलने के बाद हुआ जो बाद में पड़ोसी अफ्रीकी देशों में फैल गया है।

यह पहले मंकीपॉक्स के रूप में जाना जाता था। एमपॉक्स एक दुर्लभ वायरल संक्रमण है जो निकट संपर्क से फैलता है और यह आमतौर पर पश्चिम या मध्य अफ्रीका में पाया जाता है। इसे दो अलग-अलग वायरल स्ट्रैन या क्लैड में वर्गीकृत किया गया है।

क्लैड I अधिक गंभीर

मध्य अफ़्रीका में पाया जाने वाला क्लैड I अधिक गंभीर बीमारी और मृत्यु का कारण माना जाता है। अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, कुछ प्रकोपों में बीमार पड़ने वाले 10% लोगों की जान चली गई, हालांकि हाल के प्रकोपों में मृत्यु दर कम है। पश्चिम अफ्रीका में फैला क्लैड II साल 2022 में वैश्विक एमपॉक्स प्रकोप का कारण बना था। इसका संक्रमण कम गंभीर माना जाता है, सीडीसी का कहना है कि 99.9% से अधिक लोगों को इससे कुछ नहीं होगा।

वहीं, स्वीडन एमपॉक्स क्लैड I वैरिएंट का मामला दर्ज करने वाला अफ्रीका के बाहर पहला देश बन गया। क्लूज ने कहा कि आज हम यूरोपीय क्षेत्र में हर महीने लगभग 100 नए एमपॉक्स क्लैड II मामले देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, क्लैड I के कारण अलर्ट के बीच यूरोप को क्लैड II पर भी ध्यान देना होगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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