दुनिया

लेबनान में हिजबुल्ला लड़ाकों के पेजर्स में सीरियल ब्लास्ट, 9 की मौत, 2700 से ज्यादा घायल; इजराइल पर शक

Lebanon pagers blasts News: लेबनान में हिजबुल्ला लड़ाकों के पेजर्स में सीरियल ब्लास्ट हुआ है, जिसमें 1000 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इस ब्लास्ट में ईरान के राजदूत भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं।

Image

लेबनान में पेजर्स में हुए ब्लास्ट में 1000 से ज्यादा लोग घायल।

Photo : AP

Lebanon pagers blasts News: लेबनान से बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि यहां हिजबुल्ला लड़ाकों के पेजर्स में सीरियल ब्लास्ट हुआ है, जिसमें हजारों लोगों के घायल होने की सूचना है। ईरानी समाचार रिपोर्टों के अनुसार, इस सीरियल ब्लास्ट में ईरान के राजदूत भी घायल हो गए हैं। वहीं, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि देश भर में पेजर विस्फोट में 2750 लोग घायल हो गए हैं और 9 लोगों की मौत हो गई है।

एसोसिएट प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एक सैन्य अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि हाथ में पकड़े जाने वाले पेजर्स में ब्लास्ट हुआ है। इस तरह के ब्लास्ट की खबरें सीरिया से भी सामने आई हैं, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने इसे इजराइली हमला बताया है। वहीं, इजराइल ने इस मामले में किसी भी टिप्पणी से इंकार कर दिया है।

हिजबुल्लाह लीडर समेत तीन की मौत

कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमले में लेबनानी संसद में हिज़्बुल्लाह के प्रतिनिधि अली अम्मार के बेटे की मौत हो गई है। हमलों के बाद हिज़्बुल्लाह इज़रायल के खिलाफ़ सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में करीब 3:30 बजे बजे पेजर में धमाके हुए। इन धमाकों का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, हिजबुल्ला के अधिकारी इन हमलों के पीछे इजराइल पर शक जता रहे हैं। बताया गया है कि धमाके में एक लड़की और दो पुरुष की मौत हो गई। हिजबुल्लाह की सक्षम एजेंसियां इन विस्फोटों के कारणों का पता लगाने के लिए व्यापक सुरक्षा और वैज्ञानिक जांच कर रही हैं।

पेजर से दूर रहने की सलाह

सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में बेरूत के दक्षिणी उपनगरों से प्रसारित तस्वीरों व वीडियो में लोग फुटपाथ पर पड़े हुए दिखाई दिये। तस्वीरों में उनके हाथों पर या उनकी पैंट की जेबों के पास घाव देखे जा सकते हैं। हिजबुल्ला नेता हसन नसरल्लाह ने समूह के सदस्यों को पूर्व में सेलफोन न रखने की चेतावनी देते हुए कहा था कि फोन का इस्तेमाल इजराइल द्वारा उनकी गतिविधियों को ट्रैक करने और निशाना बनाकर हमले करने के लिए किया जा सकता है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी अस्पतालों से आपातकालीन विभाग में मरीजों को भर्ती करते वक्त सतर्क रहने और जिन लोगों के पास पेजर हैं, उनसे दूर रहने को कहा है। मंत्रालय ने स्वास्थ्य कर्मियों से वायरलेस उपकरणों का उपयोग करने से बचने को भी कहा है। स्थानीय अस्पतालों में मौजूद एपी के फोटोग्राफरों ने बताया कि आपातकालीन कक्ष रोगियों से भरे हुए थे और उनमें से कई के अंगों पर चोटें थीं तथा कुछ की हालत गंभीर थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article