'आज से सभी स्वतंत्र...', बांग्लादेश चुनावों में मिली जीत के बाद तारिक रहमान बोले- कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Feb 14, 2026, 06:53 PM IST
Bangladesh Elections: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने बांग्लादेश में "किसी भी कीमत पर" कानून-व्यवस्था बनाए रखने का शनिवार को आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज से सभी स्वतंत्र हैं। आप सभी को बधाई।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान
Bangladesh Elections: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने बांग्लादेश में "किसी भी कीमत पर" कानून-व्यवस्था बनाए रखने का शनिवार को आह्वान किया और सुरक्षित व मानवता का सम्मान करने वाला देश बनाने में सहयोग देने की अपील की।
रहमान की बीएनपी ने शुक्रवार को ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की। रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बनने वाले हैं। वह अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस की जगह लेंगे।
तारिक रहमान ने क्या कुछ कहा?
रहमान ने 13वें संसदीय चुनावों में भारी जीत के एक दिन बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "हमें सुरक्षित और मानवता का सम्मान करने वाला बांग्लादेश बनाने के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है। इस बार देश के पुनर्निर्माण में सभी को जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।"
'द ढाका ट्रिब्यून' के अनुसार, रहमान ने कहा, "किसी भी बहाने किसी के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता। किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी।" रहमान ने कहा कि देश के स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों ने बीएनपी को विजयी बनाया है। उन्होंने चुनाव परिणाम को "जनता की जीत" बताया।
'सभी के विचार महत्वपूर्ण'
बीएनपी अध्यक्ष ने कहा, "आज से सभी स्वतंत्र हैं। आप सभी को बधाई। सभी की भागीदारी के साथ देश में फासीवाद-मुक्त सरकार की यात्रा शुरू हो गई है।" उन्होंने कहा, "देश के निर्माण में सभी के विचार महत्वपूर्ण हैं। हम सभी की राय के आधार पर देश का निर्माण करेंगे।"
बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने 13वें आम चुनाव में नवनिर्वाचित सांसदों की सूची वाला एक गजट प्रकाशित किया है। गजट प्रकाशन के बाद सांसदों के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। निर्वाचन आयोग (EC) के अनुसार, बीएनपी ने 297 में से 209 सीट जीतीं, जबकि दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीट पर जीत मिलीं। हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
