दुनिया

कमला हैरिस ने चुना अपना रनिंग मेट, टिम वाल्ज होंगे उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

Kamala Harris Running Mate: कमला हैरिस ने मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है। टिम वाल्ज ने आर्मी नेशनल गार्ड में 24 साल सेवा की और सेना में सबसे ऊंचे रैंक में से एक सार्जेंट मेजर की कमान संभाली। वह छह बार सांसद रह चुके हैं।

Image

टिम वाल्ज

Photo : AP

Kamala Harris Running Mate: अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस ने अपना रनिंग मेट चुन लिया है। हैरिस ने मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है। जबकि, रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप ने जेडी वेंस को रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है।

टिम वाल्ज (60) ने अपने राज्य के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का एक महत्वाकांक्षी एजेंडा लागू करने में मदद की थी, जिसमें गर्भपात के अधिकारों के लिए व्यापक सुरक्षा और परिवारों को उदार सहायता शामिल है। हैरिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वाल्ज ने कामकाजी परिवारों के लिए काफी काम किया है। उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को इस कदम से देश के ऊपरी मध्य-पश्चिम क्षेत्र में अपने चुनाव अभियान को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह क्षेत्र राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह डेमोक्रेट के लिए एक तटस्थ के रूप में कार्य करता है।

सेना में सेवाएं दे चुके हैं टिम वाल्ज

अमेरिका के नेब्रास्का के छोटे से शहर वेस्ट प्वाइंट में पले-बढ़े वाल्ज राजनीति में आने से पहले मिनेसोटा के मैनकैटो वेस्ट हाई स्कूल में सामाजिक अध्ययन के शिक्षक, फुटबॉल कोच और यूनियन के सदस्य रह चुके हैं। वाल्ज ने आर्मी नेशनल गार्ड में 24 साल सेवा की और सेना में सबसे ऊंचे रैंक में से एक सार्जेंट मेजर की कमान संभाली। वह छह बार सांसद रह चुके हैं। पहली बार वह 2006 में संसद के लिए निर्वाचित हुए थे। उन्होंने 2018 में वन मिनेसोटा थीम पर गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ा और 11 से अधिक अंकों से जीत हासिल की। वाल्ज ने 2022 में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी, डॉ. स्कॉट जेन्सेन को मात दी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article