दुनिया

साउथ चाइना सी में जापान का शक्ति प्रदर्शन, US-फिलीपींस संग मिसाइल दागकर दिया बड़ा संदेश, चीन गुस्से से भरा

Type 88 missile Japan Philippines: विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह सिर्फ एक सैन्य ड्रिल नहीं, बल्कि चीन को दिया गया रणनीतिक संदेश भी है।

Image

साउथ चाइना सी में जापान का शक्ति प्रदर्शन, US-फिलीपींस संग मिसाइल दागकर दिया बड़ा संदेश, चीन गुस्से से भरा

Japan missile drill South China Sea: जापान ने दक्षिण चीन सागर के पास पहली बार ऐसा सैन्य प्रदर्शन किया है, जिसने पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र का ध्यान खींच लिया है। जापान ने अमेरिका, फिलीपींस और ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान Type-88 एंटी-शिप मिसाइल दागी, जिसने समुद्र में मौजूद फिलीपींस नौसेना के एक पुराने जहाज को निशाना बनाया।

यह सैन्य अभ्यास फिलीपींस के उत्तरी इलाके में हुआ, जो सीधे दक्षिण चीन सागर की ओर खुलता है। खास बात यह रही कि मिसाइल लॉन्च के कुछ ही मिनटों के भीतर टारगेट जहाज को सटीक तरीके से निशाना बना लिया गया।

इस पूरे अभ्यास को फिलीपींस और अमेरिका के सालाना 'Balikatan' युद्धाभ्यास का हिस्सा माना जा रहा है। इस बार जापान, कनाडा, फ्रांस और न्यूजीलैंड भी सक्रिय भागीदार के तौर पर शामिल हुए हैं। करीब 17 हजार सैनिक इस बड़े सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं।

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह सिर्फ एक सैन्य ड्रिल नहीं, बल्कि चीन को दिया गया रणनीतिक संदेश भी है। दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच पहले से तनाव बना हुआ है। ऐसे में जापान का मिसाइल फायर करना बीजिंग के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।

चीन को आया गुस्सा

चीन ने इस सैन्य गतिविधि पर नाराजगी जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि जापान सुरक्षा सहयोग के नाम पर आक्रामक सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। चीन ने जापान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उसने एक संयुक्त समुद्री अभ्यास के दौरान टाइप 88 मिसाइलें दागीं। चीन ने चेतावनी दी कि टोक्यो के ये कदम उसके युद्ध के बाद की सुरक्षा नीति से एक खतरनाक बदलाव का संकेत हैं। एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने जापान को आक्रामक करार दिया और कहा कि वह अपने ऐतिहासिक अपराधों पर गहराई से विचार करने में विफल रहा है; उसने तो सुरक्षा सहयोग की आड़ में विदेशों में अपनी सेना भी भेजी है और आक्रामक मिसाइलें दागी हैं। लिन ने कहा कि जापान का यह कदम जापानी दक्षिणपंथी ताकतों द्वारा जापान के पुनः सैन्यीकरण में तेजी लाने के प्रयास को दर्शाता है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

End of Article