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व्हाइट हाउस की बैठक में इतालवी प्रधानमंत्री मेलोनी की 'नमस्ते' ने एक बार फिर सबका ध्यान खींचा

मेलोनी द्वारा पारंपरिक भारतीय अभिवादन का यह पहला मौका नहीं था। इससे पहले उन्होंने जून 2024 में इटली में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं को अभिवादन करके सुर्खियां बटोरी थीं।

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मेलोनी ने नमस्ते अभिवादन से सुर्खियां बटोटरीं

Italian PM Melonis Namaste- वैश्विक कूटनीति के गलियारों में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोमवार को व्हाइट हाउस में उच्च-स्तरीय वार्ता के लिए पहुंचते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक वरिष्ठ सहयोगी को "नमस्ते" कहकर अभिवादन करके सुर्खियां बटोरीं। हाथों को आपस में जोड़कर और हल्का सा झुककर अभिवादन करने का यह भाव, ऐसे माहौल में खास तौर पर दिखाई दिया जहां औपचारिक हाथ मिलाना और हल्के से सिर को हिलाना आम बात है। रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए व्हाइट हाउस पर एकजुट हुए यूरोपीय नेताओं के बीच इटली की पीएम मेलोनी के इस अंदाज ने सबक ध्यान खींचा।

मेलोनी द्वारा भारतीय अभिवादन का यह पहला मौका नहीं

इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इंटरनेट पर इसे 'मोदी इफेक्ट' कहा जा रहा है। मेलोनी द्वारा पारंपरिक भारतीय अभिवादन का यह पहला मौका नहीं था। इससे पहले उन्होंने जून 2024 में इटली में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नमस्ते कहकर अभिवादन करने के लिए सुर्खियां बटोरी थीं।

सोमवार को वाशिंगटन में हुई बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, ट्रंप और कई यूरोपीय नेता शामिल हुए। चर्चा का केंद्र बिंदु यह था कि रूस के साथ सीधा टकराव बढ़ाए बिना यूक्रेन को विश्वसनीय दीर्घकालिक रक्षा गारंटी कैसे प्रदान की जाए।

यूक्रेन के लिए सामूहिक रक्षा सुरक्षा उपायों की वकालत

बैठक के दौरान, मेलोनी ने यूक्रेन के लिए नाटो के अनुच्छेद 5 के आधार पर सामूहिक रक्षा सुरक्षा उपायों की वकालत की, भले ही यूक्रेन गठबंधन से बाहर है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य नाटो में औपचारिक प्रवेश की आवश्यकता के बिना यूक्रेन के भविष्य को सुरक्षित करना है, जो रूस के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है। मेलोनी ने कहा, पश्चिम की एकता शांति के लिए हमारा सबसे शक्तिशाली साधन है। उन्होंने यह भी बताया कि इटली के अनुच्छेद 5-प्रेरित गारंटियों के प्रस्ताव ने सहयोगियों के बीच लोकप्रियता हासिल कर ली है और यह चर्चा के तहत व्यापक राजनयिक ढांचे का हिस्सा बन गया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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