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ग्रेटा थनबर्ग के जहाज को इजराइल ने नहीं पहुंचने दिया गाजा, 200 KM पहले ही इजराइली सैनिकों ने घेरकर हिरासत में ले लिया

इजराइली सेना ने गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए जा रहे एक जहाज को जब्त कर लिया और उसमें सवार सामाजिक कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग तथा अन्य जलवायु कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

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ग्रेटा थनबर्ग के जहाज को इजराइल ने जब्त किया

Photo : AP

पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के उस जहाज को इजराइल ने रोक लिया है, जो गाजा के लिए राहत सामग्री लेकर जा रहा था। इजराइल ने ग्रेट थनबर्ग समेत सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और जहाज को जब्त कर लिया।

ग्रेटा थनबर्ग को हिरासत में लिया गया

इजराइल की सेना ने सोमवार की सुबह गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए जा रहे एक जहाज को जब्त कर लिया और उसमें सवार सामाजिक कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग तथा अन्य जलवायु कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। ये कार्यकर्ता गाजा पट्टी में जारी इजराइल के सैन्य अभियान का विरोध करने वाले थे क्योंकि मानवीय सहायता के प्रवेश पर इजराइल के प्रतिबंधों के कारण लगभग 20 लाख फलस्तीनियों की आबादी वाले क्षेत्र में अकाल का खतरा पैदा हो गया है।

गाजा से करीब 200 किलोमीटर जहाज जब्त

‘फ्रीडम फ्लोटिला कोलिशन’ नामक संगठन ने गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाने और इजराइल की नाकाबंदी तथा युद्ध के दौरान उसके आचरण का विरोध करने और फलस्तीनियों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया था। संगठन ने बताया कि जहाज को गाजा से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जब्त किया गया। ‘फ्रीडम फ्लोटिला कोलिशन’ ने आरोप लगाया कि सामाजिक कार्यकर्ता जब क्षेत्र में बेहद जरूरतमंद लोगों तक सहायता सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे तब ‘‘इजराइली सेना ने उनका अपहरण कर लिया’’। संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘जहाज पर अवैध रूप से कब्जा किया गया। जहाज के निहत्थे असैन्य चालक दल के सदस्यों का अपहरण कर लिया गया और इस पर मौजूद जीवन रक्षक राहत सामग्री जैसे कि शिशु फॉर्मूला, भोजन और चिकित्सा आपूर्ति को जब्त कर लिया गया।’’

इजराइल ने बताया सेल्फी जहाज

इजराइल के विदेश मंत्रालय ने यात्रा को एक ‘जनसंपर्क का हथकंडा’ बताया और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सेलिब्रिटी लोगों का ‘सेल्फी जहाज’ सुरक्षित रूप से इजराइल के तट पर पहुंच रहा है’’। मंत्रालय ने कहा कि यात्री अपने देश लौट जाएंगे और सहायता स्थापित माध्यमों के जरिए गाजा पहुंचाई जाएगी। बाद में मंत्रालय ने फुटेज प्रसारित किया जिसमें इजराइली सैन्यकर्मी नारंगी रंग की लाइफ जैकेट पहने सामाजिक कार्यकर्ताओं को सैंडविच और पानी देते नजर आ रहे हैं। इजराइल के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा कि जहाज सोमवार दोपहर तक इजराइल के रास्ते में ही था। उम्मीद है कि जहाज अशदोद बंदरगाह पर उतरेगा।

यूरोपीय संसद की फ्रांसीसी सदस्य भी जहाज पर सवार

मैडलीन पर सवार लोगों में जलवायु कार्यकर्ता थनबर्ग और फलस्तीनी मूल की रीमा हसन (यूरोपीय संसद की फ्रांसीसी सदस्य) भी शामिल हैं।

वह जहाज पर सवार छह फ्रांसीसी नागरिकों में शामिल हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि उन्होंने इजराइल से अनुरोध किया है कि वह हसन को यथाशीघ्र फ्रांस लौटने की अनुमति दे। इजराइल में मानवाधिकार समूह ‘अदालाह’ ने कहा कि वह कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहा है। अदालाह ने कहा कि इजराइल के पास जहाज को अपने कब्जे में लेने का ‘‘कोई कानूनी अधिकार’’ नहीं है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था तथा इजराइल की ओर नहीं बल्कि ‘‘फलस्तीन के जलक्षेत्र’’ की ओर जा रहा था।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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