Israel Lebanon Ceasefire: इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के सीजफायर का ऐलान होने के बावजूद हमले नहीं रुके हैं। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने दक्षिणी लेबनान में हवाई और जमीनी हमले किए हैं। इजरायली सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई तब की गई जब उसने ऐसे कई मामलों की पहचान की, जिनमें हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करते हुए उन इलाकों के पास आने की कोशिश की, जहां इजरायली सैनिक तैनात हैं।
येलो लाइन तक पहुंचे लड़ाके
इजरायली सेना ने पहली बार कथित तौर 'येलो लाइन' का जिक्र किया और दावा किया हिजबुल्लाह के लड़ाके उत्तर दिशा से इस लाइन के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के सीजफायर का ऐलान किया था उसमें किसी भी 'येलो लाइन' का कोई उल्लेख नहीं था, जो इसी सप्ताह लागू हुआ है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को कहा कि युद्धविराम समझौते के तहत इजरायल को किसी भी समय जारी हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा करने का अधिकार है।
हिजबुल्लाह ने दी सख्त चेतावनी
वहीं, हिजबुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी महमूद कम्माती ने लेबनान के अल-जदीद टीवी से बातचीत में सख्त चेतावनी दी कि संगठन इजरायल की ऐसी किसी भी सैन्य कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने नवंबर 2024 के युद्धविराम के बाद की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इजरायल ने लगभग रोजाना हवाई हमले जारी रखे थे। उन्होंने कहा कि इस बार हम रणनीतिक धैर्य की नीति नहीं अपनाएंगे।
अभी खत्म नहीं हुई लड़ाई
सनद रहे कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को साफ किया था कि मित्र ट्रंप के अनुरोध पर लेबनान के साथ अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है, लेकिन हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। नेतन्याहू ने दावा किया था कि इजरायल ने हिजबुल्लाह के करीब 90 फीसदी मिसाइल और रॉकेट भंडार को तबाह कर दिया है।
