पांच बार के विश्व चैंपियन महान भारतीय शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) के करियर में एक और अध्याय जुड़ गया है। विश्वनाथन आनंद ने विश्व शतरंज की सर्वोच्च संस्था फिडे के अंतरिम अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है, क्योंकि इसके प्रमुख अर्काडी ड्वोरकोविच को यूरोपीय संघ ने प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची में शामिल कर दिया था जिसके बाद उन्होंने प्रतिबंध हटने तक अपना पद छोड़ दिया है। यूरोपीय संघ ने यह प्रतिबंध रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के संदर्भ में लगाया है।
रूस के मूल निवासी ड्वोरकोविच ने यूरोपीय संघ के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है। यूरोपीय संघ की इस कार्रवाई से उनके खाते फ्रीज हो सकते हैं और उन पर यात्रा प्रतिबंध लग सकते हैं। आनंद 2022 से फिडे के उपाध्यक्ष हैं। फिडे ने बयान में कहा, ठअर्काडी ड्वोरकोविच के फिडे अध्यक्ष के रूप में अपने अधिकारों, कर्तव्यों और विशेषाधिकारों से हटने के फैसले को फिडे परिषद स्वीकार करती है।"
बयान में कहा गया है, "फिडे चार्टर के अनुच्छेद 19.2 के अनुसार जब तक ड्वोरकोविच पर प्रतिबंध लगा रहता है तब तक फिडे के उपाध्यक्ष विश्वनाथन आनंद अंतरिम अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।" इस बीच ड्वोरकोविच ने कहा कि यूरोपीय संघ का फैसला अनुचित है।
उन्होंने कहा, "यूरोपीय संघ ने मेरा नाम प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची में डाला है। मैं साफ तौर पर कहता हूं कि यह फैसला गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण है और इसे चुनौती दी जाएगी। मुझे विश्वास है कि न्याय की जीत होगी।"
ड्वोरकोविच ने कहा, "इस प्रतिबंध से फिडे के कामकाज में बाधा पड़ सकती है इसलिए मैंने अध्यक्ष के कामकाज से हटने का फैसला किया है। फिडे के चार्टर के अनुसार उपाध्यक्ष विश्वनाथन आनंद अध्यक्ष का कामकाज देखेंगे।" एक तरफ जहां युवा भारतीय शतरंज खिलाड़ी एक के बाद एक शानदार सफलताएं वैश्विक मंच पर हासिल कर रहे हैं, उसी बीच विश्वनाथन आनंद से जुड़ी ये खबर भारतीय शतरंज जगत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है।
(भाषा इनपुट के साथ)
