कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सचिव का तबादला कर उनकी जगह ऐसे आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जिन पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।
बता दें कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटा दिया गया है और पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है।
नए शिक्षा सचिव पर दीपके ने क्या लगाए आरोप?
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि नए शिक्षा सचिव इससे पहले पशुपालन विभाग में कार्यरत थे और उन पर बहु-करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा घोटालों का पूरा विवाद व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर है, ऐसे में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अधिकारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी देना देश के युवाओं का अपमान है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या सरकार इसी तरह का समझौता हमसे स्वीकार करवाना चाहती है? यह जवाबदेही नहीं है।" दीपके ने दोहराया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, अभिजीत दिपके द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सरकार की ओर से भी इस बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कौन हैं नरेश पाल गंगवार?
नरेश पाल गंगवार का जन्म 21 अक्टूबर 1970 को हुआ था। वह 1994 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक, आईआईटी दिल्ली से कम्युनिकेशन में एमटेक और राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) में एमए की डिग्री प्राप्त की है।
