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Israel vs Lebanon: लेबनान पर फिर टूटा इजरायल का कहर, हवाई हमलों में 34 लोगों की मौत; 80 घायल

Israeli Air Strike on Lebanon: लेबनान पर इजरायल का कहर टूट रहा है। इजरायली हवाई हमला में अब तक 34 की मौत हो चुकी है, जबकि 80 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इससे पहले ये जानकारी सामने आई थी कि मध्य बेरूत में इजरायली हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है।

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इजरायल ने लेबनान पर फिर बोला धावा।

World News: दक्षिणी और पूर्वी लेबनान पर हुए इजरायली हवाई हमलों में 34 लोगों की मौत हो गई और 80 घायल हो गए। हिजबुल्लाह ने भी इजरायल को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। इसके साथ ही ये भी जानकारी सामने आई है कि इजरायल ने बेरूत के मध्य क्षेत्र में शनिवार को कई मिसाइल हमले किए जिनमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

पूर्वी और दक्षिणी लेबनान पर इजरायल का हवाई हमला

लेबनानी समाचार एजेंसी (एनएनए) के अनुसार, पूर्वी लेबनान में 24 लोग मारे गए और 44 अन्य घायल हो गए। हताहतों की सूचना बोदाई, शमुस्टार, हाफ़िर और रास अल-ऐन कस्बों के साथ-साथ फ़्लौई, ब्रिटल, हाउर ताला और बेका घाटी के गांवों से भी मिली, जो सभी बालबेक-हर्मेल इलाके में स्थित हैं।

इस बीच, दक्षिणी लेबनान में 10 लोग मारे गए और 36 अन्य घायल हो गए, जिनमें से अधिकांश नाबातीह के शहरों और गांवों के रहने वाले थे। एनएनए के मुताबिक अन्य मामले टायर और दक्षिण के मरजेयून जिले से रिकॉर्ड हुए। वहीं, सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने हिजबुल्लाह के अलग अलग बयानों के आधार पर बताया कि उसके सदस्यों ने सीमा क्षेत्र में मिसाइलों और रॉकेटों से लेबनान के शहर खियाम और उत्तरी इजरायल के किबुत्ज हनीता के साथ-साथ अवीविम और डिशोन में इजरायली सैनिकों की कई सभाओं को निशाना बनाया।

लेबनान पर लगातार एयर स्ट्राइक कर रही इजरायली सेना

सशस्त्र समूह ने कहा कि उसने लेबनान के सीमावर्ती शहर अल-बय्यादा के पूर्वी बाहरी इलाके में घुसपैठ करने की कोशिश करने वाले इजरायली सैनिकों के एक समूह के साथ भीषण झड़प भी की। कथित तौर पर इस हमले में इजरायली सैनिक हताहत भी हुए। इजरायली सेना 23 सितंबर से लेबनान पर एयर स्ट्राइक कर रही है। अक्टूबर की शुरुआत में, इजरायल ने अपनी उत्तरी सीमा पार करके लेबनान में जमीनी कार्रवाई शुरू की थी। जिसका मकसद कथित तौर पर हिजबुल्लाह को कमजोर करना है।

मध्य बेरूत में इजरायली हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत

इजरायल ने बेरूत के मध्य क्षेत्र में शनिवार को कई मिसाइल हमले किए जिनमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली हमलों में 66 लोग घायल हुए हैं। इजरायल ने लेबनान की राजधानी को एक सप्ताह से भी कम समय में चौथी बार निशाना बनाया है। लेबनान पर यह हमला ऐसे समय में किया गया है, जब इस सप्ताह अमेरिका के दूत अमोस होचस्टीन ने इजरायल और चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला के बीच संघर्ष-विराम समझौता कराने के लिए क्षेत्र की यात्रा की थी।

मंत्रालय के मुताबिक, इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में अब तक 3,500 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि 15,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं और लगभग 12 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं, लेबनान से लड़ाई में इजरायल के 90 सैनिक और कम से कम 50 नागरिक मारे गए हैं। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, बेरूत पर स्थानीय समयानुसार तड़के चार बजे हमला किया गया, जिसमें आठ मंजिला एक इमारत ध्वस्त हो गई।

हमले को लेकर क्या बोले हिजबुल्ला नेता अमीन शिरी?

हिजबुल्ला नेता अमीन शिरी ने कहा कि हमले के दौरान संगठन का कोई भी सदस्य इमारत के अंदर नहीं था। उन्होंने बताया कि हमले से आसपास की कुछ इमारतों की खिड़कियों के शीशे चटक गए और कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। इजरायल की सेना ने हताहतों की संख्या पर कोई टिप्पणी नहीं की। लेबनान की सरकारी ‘नेशनल न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, शनिवार को दक्षिणी लेबनान के बंदरगाह शहर टायर में ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अन्य हवाई हमलों में पूर्वी शहर श्मस्टर में चार बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई और दक्षिणी क्षेत्र के रौमिन गांव में पांच लोग तथा उत्तरपूर्वी गांव बुदई में पांच लोग मारे गए।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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