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Israel War: युद्धविराम के बावजूद लेबनान पर कहर बरसा रहा इजरायल, हवाई हमले में नौ की मौत;सेना के 3 अधिकारी भी शामिल

ईरान-अमेरिका जंग के बीच, इजरायल लेबनान पर भी लगातार हमले कर रहा है। इजरायल के ताजा हमलों में नौ लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में लेबनानी सेना के अधिकारी भी शामिल हैं।

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लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ जारी हमले

Israel War News: हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद इजरायल लेबनान पर अपनी मिसाइलों से रहर बरसा रहा है आज फिर उसने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले किए। इन हमलों में नौ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में लेबनानी सेना के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। इन ताजा हमलों के बाद क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।

लेबनानी सेना ने बताया कि सुबह दक्षिणी लेबनान के नबातियेह और मरजायून को जोड़ने वाली सड़क पर हुए एक हवाई हमले में एक ब्रिगेडियर जनरल, एक कैप्टन और एक अन्य सैनिक की मौत हो गई। हालांकि सेना ने अभी उनके नाम जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा,दक्षिणी गांव सकसकियाह में भी एक अन्य हवाई हमला हुआ। इन हमले में छह लोगों की मौत हो गई,जबकि चार अन्य घायल हो गए।

आईडीएफ के हमलों के बाद लेबनान ने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लेबनानी सेना ने अपने बयान में कहा कि इजरायल की लगातार और जानबूझकर की जा रही आक्रामक कार्रवाई देश,उसकी जनता और सेना के संकल्प को और मजबूत कर रही है। हालांकि,इजरायल की सेना ने लेबनानी सैनिकों की मौत वाले हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।

युद्धविराम पर विवाद, ईरान-लेबनान में भी तनातनी

हाल में अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान सरकार के बीच नया युद्धविराम समझौता हुआ था। लेबनान सरकार का आरोप है कि हिजबुल्लाह ने देश को युद्ध में धकेला,जबकि वह उसे निरस्त्र करने की कोशिश कर रही थी। हालांकि हिज्बुल्लाह ने इस समझौते को स्वीकार नहीं किया है।

    हमलों से एक दिन पहले लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और प्रधानमंत्री ने युद्धविराम का विरोध करने के लिए ईरान(IRAN)की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि लेबनान को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत में “मोलभाव का साधन” नहीं बनाया जाना चाहिए।

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    इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा लगता है मानो ईरान ने ही लेबनान के एक हिस्से पर कब्जा कर रखा हो और रोजाना बमबारी कर रहा हो। उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति से कहा कि देश को उसके वास्तविक दुश्मन से बचाने पर ध्यान देना चाहिए।

    मार्च से जारी है संघर्ष

    यह संघर्ष 2 मार्च को शुरू हुआ था, जब हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागे थे। इसके दो दिन पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद इजरायल ने लेबनान में जमीनी अभियान चलाया और व्यापक हवाई हमले किए, जिनकी वजह से 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के लगभग पांचवें हिस्से पर नियंत्रण भी स्थापित कर लिया है। युद्ध शुरू होने के बाद से लेबनान में 3,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं संघर्ष में कम से कम 29 इजरायली सैनिक और तीन नागरिक भी मारे गए हैं।
    Shiv Shukla
    शिव शुक्ला author

    शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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