Israel Iron Dome UAE: इजराइल में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को कहा कि ईरान युद्ध के दौरान देश की रक्षा के लिए इजराइल ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को आयरन डोम मिसाइल-रोधी बैटरियां और उन्हें संचालित करने के लिए कर्मी भेजे थे। माइक हकाबी ने यह टिप्पणी तेल अवीव में आयोजित एक कार्यक्रम में की।
तेल अवीव सम्मेलन में हकाबी ने कहा, 'मैं अब्राहम समझौते के पहले सदस्य संयुक्त अरब अमीरात की सराहना करना चाहूंगा। इसके लाभों को देखिए। इजराइल ने उनकी मदद के लिए आयरन डोम बैटरियां और उन्हें संचालित करने के लिए कर्मी भेजे हैं।' संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने वर्ष 2020 में कूटनीतिक रूप से इज़राइल को मान्यता दी थी।
यूएई ने हकाबी की इस स्वीकारोक्ति पर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया लेकिन इससे इन देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का संकेत मिला है।
आयरन डोम क्या है?
Iron Dome को दुनिया की सबसे प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है। यह छोटी दूरी की मिसाइलों और रॉकेट हमलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम माना जाता है। ऐसे में इजराइल का यह कदम सिर्फ सैन्य मदद नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि UAE ने 2020 में अब्राहम समझौते के तहत इजराइल को आधिकारिक मान्यता दी थी। उस समय इस समझौते को मध्य-पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया था। अब सामने आए इस खुलासे ने साफ कर दिया है कि दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रहे, बल्कि रक्षा सहयोग तक पहुंच चुके हैं।
हालांकि UAE की तरफ से इस दावे पर तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ईरान के बढ़ते खतरे के बीच खाड़ी देशों और इजराइल के बीच सुरक्षा साझेदारी तेजी से मजबूत हो रही है।
