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Israel-Lebanon War: लेबनान से नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिशें जारी, 170 लोगों को लेकर डच फ्लाइट पहुंची स्वदेश

Israel-Lebanon War: लेबनान से लोगों को सुरक्षित निकालने के अभियान के तहत दूसरी डच फ्लाइट आइंडहोवन शहर के एयरपोर्ट पर उतरी। बता दें, इससे पहले ब्रिटेन ने लेबनान से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चार्टर्ड विमानों की उड़ानें शुरू की थी।

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लेबनान से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए कई देश चला रहे अभियान

Photo : iStock

Israel-Lebanon War: लेबनान से लोगों को सुरक्षित निकालने के अभियान के तहत दूसरी डच फ्लाइट आइंडहोवन शहर के एयरपोर्ट पर उतरी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, प्लेन शनिवार को रात 9 बजे (स्थानीय समयानुसार) से ठीक पहले पहुंचा। विमान में 170 यात्री सवार थे, जिनमें 100 से ज़्यादा डच नागरिक थे। बाकी यात्री बेल्जियम, फ्रांस, ऑस्ट्रिया और स्पेन के नागरिक थे, जिन्हें उनकी संबंधित सरकारों के अनुरोध पर लाया गया। पिछली शाम को 100 से ज्यादा डच नागरिकों के साथ पहली डच फ्लाइट शहर में उतरी थी। डच मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस समय लेबनान से डच लोगों को वापस लाने के लिए कोई और फ्लाइट निर्धारित नहीं है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि कई सौ डच नागरिकों को निकाला जाएगा।

कई विमानों नागरिकों को लेकर छोड़ा लेबनान

डच सरकार ने मिलिट्री और कमर्शियल फ्लाइट्स के साथ-साथ अन्य देशों के साथ सहयोग करके लेबनान से नीदरलैंड लौटने के इच्छुक लोगों की मदद करने की प्रतिबद्धता जताई है। इजरायली हमले झेल रहे लेबनान से विभिन्न देश अपने-अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिशों में लगे हैं। शनिवार को ही एक एयरक्राफ्ट लेबनान से 96 नागरिकों को लेकर दक्षिण कोरिया पहुंचा।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने बताया कि केसी-330 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12:50 बजे सेओंगनाम स्थित सोल एयर बेस पर उतरा अधिकारियों ने बताया कि एक लेबनानी नागरिक, जो एक दक्षिण कोरियाई नागरिक का पारिवारिक सदस्य है, प्लेन पर सवार था। सुरक्षित लाए गए लोगों में से 30 प्रतिशत से अधिक नाबालिग थे। लेबनान में इजरायली एयर स्ट्राइक और जमीनी सैन्य अभियान जारी है। लेबनान में हालात काफी गंभीर होते जा रहे हैं। लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं। अलजजीरा की शनिवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश भर में इजरायल के हमलों में अब तक 2000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 127 बच्चे और 261 महिलाएं शामिल हैं। इजरायली हमलों के बाद से कई देशों ने अपने नागरिकों से लेबनान को तुरंत छोड़ देने की अपील की है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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