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हमास पर कहर बरपा रहा इजरायल, हवाई हमले में फिर 18 लोगों की मौत; ईरान बोला- गाजा में नरसंहार रोक सकता है भारत

Israel-Hamas War: रविवार को हुए गाजा मस्जिद पर इजरायली हवाई हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए और 20 अन्य घायल हो गए। इसकी जानकारी फलस्तीन अस्पताल ने दी। मस्जिद पर हमला तब हुआ जब फिलिस्तीनी क्षेत्र में इजरायल का युद्ध अपनी पहली वर्षगांठ के करीब पहुंच रहा था। इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि उसने हमास के आतंकवादियों पर एक सटीक हमला किया।

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इजरायल के हवाई हमले में फिर 5 लोगों की मौत

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Israel-Hamas War: इजरायल गाजा पट्टी में हमास पर कहर बनकर टूट रहा है। रविवार तड़के गाजा मस्जिद पर इजरायली हवाई हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए और 20 अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक, मध्य गाजा पट्टी में दीर अल-बलाह में अल-अक्सा अस्पताल के पास मस्जिद पर हमला तब हुआ जब फिलिस्तीनी क्षेत्र में इजरायल युद्ध की अपनी पहली वर्षगांठ के करीब पहुंच रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि मस्जिद का इस्तेमाल विस्थापित लोगों को रखने के लिए किया जा रहा है, वहां काफी लोग थे।

इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि उसने हमास के आतंकवादियों पर एक सटीक हमला किया, जो एक इमारत में कमांड और नियंत्रण केंद्र के भीतर काम कर रहे थे। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक गाजा पर इजरायल के बाद के सैन्य हमले में लगभग 42000 फिलिस्तीनी लोग मारे गए हैं। दशकों पुराने इजरायली-फिलिस्तीनी संघर्ष में नवीनतम रक्तपात तब शुरू हुआ जब फिलिस्तीन के हमास के आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हमला किया, जिसमें 1200 लोग मारे गए और लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया गया।

भारत शांति प्रक्रिया में निभा सकता है रचनात्मक भूमिका

वहीं इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने शनिवार को कहा कि भारत के इजरायल के साथ अच्छे संबंध हैं। वह शांति प्रक्रिया में रचनात्मक भूमिका निभा सकता है और गाजा में नरसंहार रोकने के लिए इजरायल को मना सकता है। उन्होंने कहा कि भारत एक उभरती हुई विश्व शक्ति है। यह गुटनिरपेक्ष आंदोलन का संस्थापक है। हाल ही में इसने ग्लोबल साउथ का झंडा बुलंद किया है। इसलिए नई दिल्ली की कुछ जिम्मेदारी बनती है। शांति प्रक्रिया की रूपरेखा के बारे में पूछे जाने पर इलाही ने कहा कि एकमात्र समाधान यह है कि एक वंचित राष्ट्र के रूप में फलस्तीनी लोगों को उनका अधिकार दिया जाए।

इराज इलाही ने इजरायल पर ईरान के मिसाइल हमले को प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान के पास तेल अवीव को इस तरह का अपराध दोहराने से रोकने और अपना बचाव करने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं था। गाजा में नरसंहार जारी है और पश्चिमी देश चुप हैं। इस क्षेत्र में इजरायल के अपराधों को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। उन्होंने इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के तेल ठिकानों पर हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस तरह की कार्रवाई के परिणाम दर्दनाक होंगे।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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