Israel Operation in Beirut: शुक्रवार की रात इजरायल की बमबारी में हिजबुल्ला का प्रमुख हसन नसरल्लाह मारा गया। वह बेरूत के दाहियेह स्थित अपने मुख्यालय में छिपा हुआ था। यह मुख्यालय एक आवासीय बहुमंजिला इमारत के नीचे बना हुआ था। बताया जा रहा है कि इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के लड़ाकू जहाजों ने इस ठिकाने पर करीब 80 टन बम बरसाए। इस बमबारी में नसरल्लाह और उसके भरोसेमंद और हिजबुल्ला के अन्य टॉप कमांडर मारे गए। नसरल्लाह और टॉप कमांडरों के मारे जाने से हिजबुल्ला को बहुत बड़ा झटका लगा है। इससे हिजबुल्ला के लाइन ऑफ कमांड में एक खालीपन आ गया है। हिजबु्ल्ला के ठिकानों पर इजरायल का हमला जारी है।
अपने ठिकाने बदलता रहता था हिजबुल्ला
हिजबुल्ला को शुरुआत से पता था कि वह मोसाद के निशाने पर है। उसकी लोकेशन ट्रेस न होने पाए और मोसाद के रडार से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था लेकिन इस बार वह इजरायल की खुफिया एजेंसी को चकमा नहीं दे पाया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में इजरायल के तीन वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि उन्हें कई महीने पहले से नसरल्लाह के छिपने और उसकी लोकेशन के बारे में पता था।
संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका से चल रही था बातचीत
इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक नसरल्लाह को खत्म करने का फैसला हाल के दिनों में लिया गया। इसकी जानकारी अमेरिका को भी नहीं दी गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नसरल्लाह को मारने के लिए ऑपरेशन की तैयारी उस वक्त चल रही थी जब हिजबुल्ला के साथ संघर्ष खत्म करने के लिए इजरायली अधिकारी अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे थे। यहां तक कि गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जब संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए रवाना हुए तभी भी योजना पर काम चल रहा था। दो अधिकारियों ने बताया कि हमले में इमारत के ऊपर 80 से ज्यादा बम गिराए गए। इन हमलों में दक्षिणी बेरूत में छह इमारतें पूरी तरह से जमीदोंज हो गईं।
हमले के समय अमेरिका में थे नेतन्याहू
हिजबुल्ला ने शनिवार सुबह नसरल्लाह के मारे जाने की पुष्टि कर दी। उसने कहा कि हमलों में दक्षिणी फ्रंट का कमांडर अली कराकी भी मारा गया। अधिकारियों ने बताया कि नसरल्लाह को मारने वाला ऑपरेशन बिना किसी रुकावट के पूरा हुआ। उनके फाइटर प्लेन पर शत्रु की तरफ से कोई हमला नहीं हुआ। इजरायल के चैनल 12 न्यूज के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने से ठीक पहले नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन को मंजूरी दी। नसरल्लाह को मारने की योजना वाले इस फैसले को कैबिनेट ने गुरुवार शाम मंजूरी दी और इसे रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने भी हरी झंडी दी। अमेरिका के अधिकारी ने शुक्रवार को टाइम्स ऑफ इजरायल को बताया कि इस हमले के बारे में वाशिंगटन को उस समय जानकारी दी गई जब आईडीएफ के फाइटर प्लेन आसमान में थे और ऑपरेशन चल रहा था।
