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इजरायल ने अब लेबनान में किया एयर स्ट्राइक, हिजबुल्लाह के ठिकानों को बनाया निशाना

Israel vs Hezbollah: इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर लेबनान में किए कई हवाई हमले (Air Strike) किए। इजरायली सेना ने खुद इस हमले की जानकारी साझा की है। हिजबुल्लाह के आतंकी संगठन को निशाना बनाकर इस एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया गया है। आपको खास बातें बताते हैं।

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इजरायल ने किया एयर स्ट्राइक।

Air Strike: इजरायल ने शिया मिलिशिया हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर रविवार तड़के लेबनान में हवाई हमले किए। इजरायली सेना ने यह जानकारी दी। इजरायली सेना ने एक बयान जारी कर हिजबुल्लाह पर 'इजरायली क्षेत्र की ओर मिसाइल और रॉकेट दागने की तैयारी करने' का आरोप लगाया।

जहां से इजरायल पर हमले की साजिश रच रहा था हिजबुल्लाह

इजरायली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने कहा, 'इन खतरों से बचने के लिए आत्मरक्षा में (इजरायली सेना द्वारा) लेबनान में उन आतंककवादी ठिकानों पर हमला किया जा रहा है, जहां से हिजबुल्लाह इजरायल के आम नागरिकों पर हमले करने की साजिश रच रहा था।' हगारी ने सचेत किया कि हिजबुल्लाह इजरायल में 'जल्द ही रॉकेट और संभवतः मिसाइल' एवं ड्रोन दागेगा।

इसके तुरंत बाद ही उत्तरी इजरायल में सायरन बजने लगे। लेबनानी मीडिया ने देश के दक्षिणी भाग में हमलों की खबर दी, लेकिन इनके बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। सोशल मीडिया पर उपलब्ध कुछ वीडियो में दक्षिणी लेबनान में हमले होते दिखाई दिए।

इजरायली हवाई अड्डा प्राधिकरण के हवाले से आई खबर

लेबनान में इजरायली हवाई हमलों के बाद तेल अवीव के बाहर स्थित इजरायल के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाली उड़ानों का मार्ग रविवार को परिवर्तित कर दिया गया तथा अन्य विमानों के उड़ान भरने में देरी हुई। इजरायली मीडिया ने इजरायली हवाई अड्डा प्राधिकरण के हवाले से यह खबर दी। उड़ानों के आवागमन पर नजर रखने वाले ‘फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा’ से पता चला कि इस घोषणा के बाद ‘ईएल एआई’ की कम से कम दो उड़ानें दक्षिण की ओर मुड़ गईं और उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया।

Air Strike on Lebnon

इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमला किया: आईडीएफ

खुफिया जानकारी के बारे में नहीं दिया कोई और विवरण

हगारी ने अपने बयान में कहा, 'हम देख सकते हैं कि हिजबुल्लाह लेबनानी नागरिकों को खतरे में डालते हुए इजरायल पर व्यापक पैमाने पर हमला करने की तैयारी कर रहा है।' हगारी ने इस खुफिया जानकारी के बारे में कोई और विवरण नहीं दिया। उन्होंने कहा, 'जिन क्षेत्रों में हिजबुल्लाह सक्रिय है, हम उन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को सचेत करते हैं कि वे अपनी सुरक्षा के लिए वहां से तुरंत चले जाएं।'

इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के एक शीर्ष कमांडर की मौत और ईरान में संदिग्ध इजरायली हमले में हमास नेता इस्माइल हनिया की मौत के बाद से यह आशंका प्रबल हो गई है कि गाजा पट्टी में जारी इजरायल-हमास युद्ध क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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