दुनिया

'इजराइल ने ही किया अस्पताल पर हमला', फिलिस्तीन ने कहा- झूठे हैं नेतन्याहू; जानें पूरा विवाद

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 18, 2023, 11:37 AM IST

Gaza Hospital Attack: गाजा के अस्पताल में विस्फोट से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। इसे लेकर हमास और इजराइल का एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। वहीं फिलिस्तीन ने दावा किया है कि उसके पास इस बात का सबूत है कि अस्पताल पर इजराइल ने ही हमला किया है। संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर ने नेतन्याहू को झूठा करार दिया है।

Image

संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन ने नेतन्याहू को बताया झूठा।

Photo : AP

Israel-Palestine War News: गाजा के एक अस्पताल में हुए भीषण विस्फोट में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। इस अस्पताल में पहले से घायल मरीजों की भरमार थी और अन्य फलस्तीनी नागरिक भी यहां शरण लिए हुए थे। हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। हमास ने इसे इजराइल का हवाई हमला बताया जबकि इजराइल की सेना ने आरोप लगाया कि फलस्तीनी आतंकवादियों द्वारा दागे गए रॉकेट के निशाना चूकने से यह विस्फोट हुआ। वहीं संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर ने कहा है कि पीएम नेतन्याहू झूठे हैं।

'झूठे हैं बेंजामिन नेतन्याहू'

इजरायली पीएम नेतन्याहू के इस बयान पर कि गाजा अस्पताल पर हमले के लिए इस्लामिक जिहाद जिम्मेदार है, संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर कहते हैं, "वह झूठे हैं। उनके डिजिटल प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि इजरायल ने यह सोचकर हमला किया कि अस्पताल और इसके आसपास हमास का आधार था। फिर उन्होंने वह ट्वीट हटा दिया। हमारे पास उस ट्वीट की एक प्रति है... अब उन्होंने फिलिस्तीनियों को दोषी ठहराने की कोशिश करने के लिए कहानी बदल दी। सेना के इजरायली प्रवक्ता ने एक बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि अस्पतालों को खाली करो। उनका इरादा खाली कराना है या अस्पतालों पर हमला किया जाएगा और वे उस अपराध के लिए जिम्मेदार हैं और वे इससे निपटने के लिए कहानियां नहीं गढ़ सकते।"

'कम से कम 500 लोग मारे गए'

मंत्रालय ने बताया कि कम से कम 500 लोग मारे गए हैं। अस्पताल में हुए विस्फोट के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन की पश्चिम एशिया की यात्रा रद्द हो गई है। बाइडन की इस यात्रा से युद्ध से उत्पन्न संकट के समाधान की उम्मीद थी। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके देश ने अम्मान में बुधवार को होने वाले क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया है, जिसमें बाइडन जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात करने वाले थे।

'युद्ध को रोकना' है उद्देश्य

जॉर्डन के विदेश मंत्री ऐमन सफादी ने सरकारी टेलीविजन को बताया कि इजराइल और हमास के बीच युद्ध ने 'क्षेत्र को संकट के कगार पर धकेल दिया है'।' उन्होंने कहा कि जॉर्डन शिखर सम्मेलन का आयोजन तभी करेगा जब सभी इस बात पर सहमत होंगे कि इसका उद्देश्य 'युद्ध को रोकना', फलस्तीनियों की मानवता का सम्मान करना और उन्हें मदद का उनका वाजिब हक प्रदान करना होगा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि बाइडन अब सिर्फ इजराइल का दौरा करेंगे।

'आतंकवादियों ने दागे रॉकेट'

अल-अहली अस्पताल में हुए विस्फोट के बाद चारों ओर हृदयविदारक दृश्य दिखाई दिए। इससे संबंधित एक वीडियो में चारों ओर क्षत-विक्षत शव बिखरे दिखे जिनमें ज्यादातर शव बच्चों के थे। चारों ओर कंबल, बच्चों के स्कूल बैग और अन्य सामान बिखरा दिखा। हमास ने अस्पताल में मंगलवार को हुए विस्फोट को 'अत्यंत भयावह नरसंहार' करार दिया है और कहा है कि यह इजराइली हमले के कारण हुआ। इजराइल की सेना ने इसके लिए इस्लामिक जिहाद पर आरोप लगाया है और हमास के लिए काम करने वाले कट्टरपंथी फलस्तीनी आतंकवादी समूह को जिम्मेदार ठहराया है। सेना ने कहा कि इस्लामिक जिहाद के आतंकवादियों ने अस्पताल के पास कई रॉकेट दागे और 'कई सूत्रों से मिली खुफिया जानकारी' से संकेत मिलता है कि यह संगठन इस घटना के लिए जिम्मेदार है।

'इस्लामिक जिहाद ने रॉकेट दागे'

पत्रकारों से बातचीत में सेना के मुख्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने कहा कि सेना को यह पता लगा है कि विस्फोट के समय क्षेत्र में कोई हवाई, जमीनी या नौसैन्य हमला नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि रडार ने विस्फोट के समय दागे गए रॉकेट का पता लगाया और आतंकवादी समूहों के बीच हुए संचार से संकेत मिलता है कि इस्लामिक जिहाद ने रॉकेट दागे थे। सैकड़ों फलस्तीनियों ने गाजा सिटी में अल-अहली और अन्य अस्पतालों में शरण ली थी। उन्हें उम्मीद थी कि यहां शरण लेने से वे बमबारी से बच जाएंगे।

अल-शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबु सेलमिया ने बताया कि एंबुलेंस और निजी कारों में करीब 350 घायलों को अल-अहली से गाजा सिटी के मुख्य अस्पताल अल-शिफा लाया गया, जहां पहले से ही हमले में घायल हुए लोगों की तादाद अधिक है।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अल-अहली अस्पताल में विस्फोट से पहले गाजा पर इजराइल के हमले में कम से कम 2,778 लोगों की मौत हुई है और 9,700 लोग घायल हुए हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article