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ईरान ने किया इजराइल के ऊर्जा संयंत्रों पर बड़े हमले का ऐलान, छोड़ी मिसाइलों की 37वीं लहर, अराघची ने फिर नेतन्याहू-ट्रंप को चेताया

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक बार फिर अमेरिका, इजराइल और डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर लेते हुए दावा किया कि ईरान के जवाबी हमले तेज हो रहे हैं। अराघची ने कहा कि नेतन्याहू नहीं चाहते कि आप देखें कि ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं इजरायल को उसकी आक्रामकता के लिए कैसे दंडित कर रही हैं।

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ईरान के जवाबी हमले

Photo : AP

Iran War Updates: ईरान की सेना ने इजरायली ऊर्जा सुविधाओं पर बड़े जवाबी हमले की घोषणा की है। ईरान की वायु सेना ने हाल ही में इजरायल द्वारा ईरानी तेल डिपो पर की गई बमबारी के जवाब में उत्तरी बंदरगाह शहर हाइफा में महत्वपूर्ण ऊर्जा सुविधाओं पर ड्रोन हमले किए। तेल अवीव पर हमले की खबरों के बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मिसाइलों और ड्रोनों की 37वीं लहर के प्रक्षेपण की घोषणा की है, जबकि सऊदी अरब में सेनाएं आने वाले हमलों का मुकाबला कर रहे हैं।

एपस्टीन द्वीप के पीड़ितों की याद में

वहीं, अमेरिकी-इजरायली ठिकानों की ओर प्रक्षेपण से पहले एक ईरानी मिसाइल पर लिखा गया- "एपस्टीन द्वीप के पीड़ितों की याद में"।

ईरान की मिसाइल

ईरान की मिसाइल

सैयद अब्बास अराघची के निशाने पर ट्रंप-नेतन्याहू

वहीं ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक बार फिर अमेरिका, इजराइल और डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर लेते हुए दावा किया कि ईरान के जवाबी हमले तेज हो रहे हैं। अराघची ने कहा कि नेतन्याहू नहीं चाहते कि आप देखें कि ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं इजरायल को उसकी आक्रामकता के लिए कैसे दंडित कर रही हैं। हमारे जमीनी स्तर पर मौजूद सैनिकों की रिपोर्ट यह है- हमारी मिसाइलों से हुई भारी तबाही, घबराए हुए नेता और अस्त-व्यस्त वायु रक्षा व्यवस्था। और यह तो बस शुरुआत है।

सैयद अब्बास अराघची ने कहा, यह दावा कि ईरान अमेरिका या अमेरिकी सेना पर हमला करने की योजना बना रहा था, सरासर झूठ है। इस झूठ का एकमात्र उद्देश्य ऑपरेशन एपिक मिस्टेक को सही ठहराना है, जो इजराइल द्वारा रची गई एक कुकर्मपूर्ण साजिश थी और जिसका खर्च आम अमेरिकियों ने उठाया था। उन्होंने कहा, अमेरिकी अधिकारी बाजारों में हेरफेर करने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे हैं। इससे उन्हें उस मुद्रास्फीति की सुनामी से सुरक्षा नहीं मिलेगी जो उन्होंने अमेरिकियों पर थोपी है। बाजार इतिहास के सबसे बड़े घाटे का सामना कर रहे हैं: यह अरब तेल प्रतिबंध, ईरान की इस्लामी क्रांति और कुवैत आक्रमण से कहीं अधिक बड़ा है।

ईरान कर रहा घातक क्लस्टर बमों का इस्तेमाल

वहीं, इजराइल का कहना है कि ईरान क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहा है। इजराइल का कहना है कि ईरान पिछले 10 दिनों से चल रहे युद्ध के दौरान लगातार क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे इजराइल की पहले से ही कमजोर हवाई सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक जटिल और घातक चुनौती खड़ी हो गई है। ये बम ऊंचाई पर फटते हैं और दर्जनों छोटे-छोटे बम एक बड़े क्षेत्र में बिखर जाते हैं। रात में ये छोटे बम नारंगी रंग के आग के गोले जैसे दिखते हैं, इन्हें रोकना मुश्किल है और ये घातक साबित हुए हैं।

ईरान द्वारा किए गए हमलों और उनसे हुए नुकसान के बारे में जानकारी देने में आमतौर पर सावधानी बरतने वाले इजराइली अधिकारियों ने हाल के दिनों में जनता को इनके खतरों के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया है। ये बम नागरिकों के आश्रय स्थलों से बाहर निकलने के बाद भी जमीन पर बिना फटे रह सकते हैं। मंगलवार को मध्य इजराइल में एक निर्माण स्थल पर मारे गए दो लोगों सहित कम से कम तीन लोग मारे गए हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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