Iran US Rift: ईरानी अधिकारियों ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के देश में नेतृत्व संबंधी मतभेद के दावों का खंडन किया है। गुरुवार को एसएनएन टीवी को दिए एक साक्षात्कार में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा, ईरान के खंडित होने या निर्णय लेने में असमर्थ होने के जो दावे आप सुन रहे हैं, वे एक प्रकार का अनुमान मात्र हैं। अन्य ईरानी अधिकारियों ने भी सोशल मीडिया पर दावा किया कि देश एकजुट है।
ईरान में कोई 'कट्टरपंथी' या 'उदारवादी' नहीं..
ईरान के राष्ट्रपति और संसद अध्यक्ष ने अपने सोशल मीडिया पर लगभग एक जैसे बयान में लिखा, "ईरान में कोई 'कट्टरपंथी' या 'उदारवादी' नहीं हैं। हम सभी ईरानी और क्रांतिकारी हैं।" इससे कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने कहा था कि ईरान यह पता लगाने में मुश्किल दौर से गुजर रहा है कि उनका नेता कौन है! उन्हें बस पता नहीं है!
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब ट्रंप ने गुरुवार को ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली छोटी ईरानी नौकाओं को नष्ट करने का अमेरिकी सेना को आदेश दिया है। यह आदेश ईरान द्वारा एक बार फिर जलडमरूमध्य से यातायात बाधित करने की अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के एक दिन बाद आया है।
IRGC ने दिखाई अपनी ताकत
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपनी ताकत दिखाई है है। उनकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहे दो जहाजों को रोका और उन्हें इस्लामिक गणराज्य के क्षेत्रीय जल में ले जाने का आदेश दिया। ईरान ने 'MSC Epaminondas' और 'MSC Francesca' नामक दो मालवाहक जहाजों को जब्त कर लिया है।

होर्मुज संकट
IRGC नौसेना ने दो जहाजों को जब्त किया
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, IRGC नौसेना ने दो जहाजों को जब्त कर लिया है और उन्हें ईरान के तट पर ले गई है। साथ ही यह भी कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवस्था और सुरक्षा में किसी भी तरह की बाधा उसकी रेड लाइन (अति-संवेदनशील सीमा) है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। आईआरजीसी की तरफ से लगातार दावा किया जा रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसका ही कब्जा है। अब ईरानी नौसेना ने दावा किया कि उन्होंने इस जलमार्ग में दो जहाजों पर हमला करके उन्हें होर्मुज पार करने से रोक दिया।
क्यों किया गया जब्त?
ईरान के आधिकारिक मीडिया के अनुसार, इन जहाजों पर समुद्री नियमों के उल्लंघन, आवश्यक परमिट न होने और नेविगेशन सिस्टम (AIS) के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। IRGC का कहना है कि जलडमरूमध्य में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना उनकी 'रेड लाइन' है। जब्ती से पहले, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रिपोर्ट दी थी कि जहाजों पर गोलीबारी की गई थी। 'MSC Epaminondas' के ब्रिज को इस हमले में भारी नुकसान पहुंचने की खबर है, हालांकि चालक दल के सभी 21 सदस्य (यूक्रेनी और फिलिपिनो) सुरक्षित बताए गए हैं।
