Hormuz Blockade: समुद्र में अभी तक विजेता दिख रहा ईरान अब अमेरिकी नाकेबंदी का शिकार होने लगा है। होर्मुज में अब दो तरफा नाकेबंदी चल रही है। एक ओर जहां ईरान होर्मुज से जहाजों को निकलने नहीं दे रहा है तो वहीं अमेरिका ईरान से आने और जाने वाले जहाजों को घेर रहा है। अब अमेरिका ने एक और ईरानी झंडे वाले जहाज को ईरान में घुसने से पहले ही पकड़ लिया है।
ईरान में घुसने से पहले ही रोका गया ईरानी जहाज
अमेरिका के सेंट्रल कमांड (United States Central Command) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Rafael Peralta (DDG 115) ने एक “ईरानी-फ्लैग वाले जहाज” को रोका है। यह कार्रवाई 24 अप्रैल को उस समय की गई, जब जहाज कथित तौर पर ईरान के एक बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जहाज की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और जैसे ही वह ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ता पाया गया, उसे रोकने के लिए हस्तक्षेप किया गया। इसके बाद जहाज पर सवार टीम ने बोर्डिंग कर जांच शुरू की।
अब तक 34 जहाज बदल चुके हैं रास्ता
यह कार्रवाई अमेरिका की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत ईरान के खिलाफ कड़ी समुद्री नाकेबंदी लागू की जा रही है। अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी Dan Caine ने बताया कि यह अभियान 8 अप्रैल से शुरू हुआ है और इसका उद्देश्य प्रतिबंधित जहाजों और तथाकथित “डार्क फ्लीट” पर कार्रवाई करना है। उन्होंने कहा कि अब तक 34 जहाज अमेरिकी नाकेबंदी का सामना करने के बाद वापस लौट चुके हैं। कुछ मामलों में चेतावनी के बाद भी जहाज नहीं माने तो उन्हें जब्त किया गया। उदाहरण के तौर पर “टॉस्का” नामक जहाज को अमेरिकी मरीन ने हेलीकॉप्टर के जरिए ऑपरेशन चलाकर अपने कब्जे में लिया।
हिंद महासागर और प्रशांत क्षेत्र तक नाकाबंदी
यह अभियान केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद महासागर और प्रशांत क्षेत्र तक फैल चुका है। हाल ही में “टिफनी” नामक एक बड़े ऑयल टैंकर और “मेजेस्टिक एक्स” (Ponix) नाम के एक अन्य जहाज को भी इसी तरह रोका गया, जिन पर प्रतिबंधित ईरानी तेल ले जाने का आरोप था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि नाकेबंदी सभी देशों के जहाजों पर लागू है, चाहे वे किसी भी राष्ट्रीयता के हों, अगर वे ईरान के बंदरगाहों से जुड़े हैं। उन्होंने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका बड़े सैन्य ऑपरेशन शुरू करने के लिए भी तैयार है।
