Iran US War: 'जमीर को गवारा नहीं' कह कर काउंटरटेरर चीफ के पद से इस्तीफा देने वाले जो केंट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को गैर जरूरी कहा है। उन्होंने कहा कि ये बेहद हलकापन है। उन्होंने ट्रंप को बेवजह गुस्से से परहेज करने और गंभीर संवाद करने की सलाह दी है।
जो ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा?
उन्होंने एक्स पर ट्रंप की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि ट्रंप को लगता है कि वह ईरान को बर्बादी की धमकी दे रहे हैं,लेकिन सच ये है कि अमेरिका खतरे में है। अगर वह ईरानी सभ्यता को खत्म करने की कोशिश करते हैं,तो अमेरिका को दुनिया में स्थिरता लाने वाली ताकत के तौर पर नहीं,बल्कि अव्यवस्था फैलाने वाले एजेंट के तौर पर देखा जाएगा। नतीजतन दुनिया की सबसे बड़ी सुपरपावर के तौर पर हमारा दर्जा खत्म हो जाएगा।
ट्रंप की धमकी के दूरगामी परिणाम अमेरिका के लिए ही खतरा- जो केंट
ट्रंप की सभ्यता मिटाने वाली धमकी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम अमेरिका की वैश्विक छवि और उसके महाशक्ति के ओहदे को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप भले ही ईरान को कड़ी चेतावनी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हों,लेकिन इसके दूरगामी परिणाम अमेरिका के लिए ही खतरा बन सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि ईरान के खिलाफ किसी प्रकार की व्यापक सैन्य कार्रवाई या उसकी सभ्यता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है,तो संयुक्त राज्य अमेरिका की वैश्विक भूमिका पर सवाल खड़े हो सकते हैं। इससे उसका खुद का इकबाल बुलंद नहीं रहेगा।
केंट ने ये भी कहा कि इससे विश्व व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और आर्थिक मोर्चे पर भी गंभीर असर देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि समझौते की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है,फिर भी हमारे पास तबाही को टालने का समय है।
पिछले महीने इसलिए दे दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि बीते 17 मार्च को नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (NCTC) के निदेशक जो केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने ईरान से युद्ध को तत्काल खतरा नहीं बताया था। केंट ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट शब्दों में लिखा था कि ईरान अमेरिका के लिए तत्काल खतरा नहीं था। यह युद्ध इजरायल और उसके अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया गया।
