Iran US Peace Deal: पश्चिम एशिया में छाए जंग के काले बादल छटने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद ऐसी उम्मीदें जगने लगी थी कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है, लेकिन ईरान ने एक बार फिर बता दिया कि ट्रंप की बातें हवा-हवाई हैं। ईरान ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने साफ कर दिया कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटने पर ही होर्मुज को खोला जाएगा। साथ ही उसने जंग की वजह से हुए नुकसान की तत्काल भरपाई की मांग भी की।
US के साथ नहीं हुई कोई समझौता
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने एक बयान जारी कर बताया कि अमेरिका के साथ अभी तक कोई समझौता तय नहीं हुआ है। साथ ही बताया कि होर्मुज का प्रबंधन ईरान और ओमान द्वारा ही तय किया जाना चाहिए।
'सिचुएशन रूम से होगा ईरान पर फैसला'
इससे पहले, ट्रंप ने दावा किया था कि वह ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक में ईरान के साथ बहु-स्तरीय समझौते पर अंतिम फैसला लिया जाएगा, जो पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को पूरी तरह बदल सकता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, ''अमेरिका तभी अपनी नाकेबंदी हटाएगा और तनाव खत्म करेगा, जब ईरान स्थायी रूप से यह स्वीकार करेगा कि उसके पास परमाणु हथियार या बम नहीं होगा।'' उन्होंने कहा था कि होर्मुज को बिना किसी शुल्क और रोक-टोक के दोनों दिशाओं में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए तत्काल खोलना होगा।
ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज में अगर कोई समुद्री बारूदी सुरंगें हैं तो उन्हें तबाह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने अपने अंडरवाटर माइंसवीपर्स की मदद से कई माइंस को विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया है।
