Hormuz Crisis Deepen: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर शह-मात का खेल जारी है। ईरान ने होर्मुज को फिर से खोलने संबंधी फैसले को लेकर यू-टर्न मारते हुए अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। तेहरान ने शनिवार को इस अहम समुद्री जलमार्ग पर दोबारा प्रतिबंध लगाए हैं।
तेहरान ने US को दी सख्त चेतावनी
देश की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण पहले की स्थिति में लौट आया है... और अब यह सशस्त्र बलों के कड़े प्रबंधन और नियंत्रण में है। उसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक होर्मुज से आवागमन भी बाधित रखा जाएगा।
यह घोषणा सुबह की गई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी नाकेबंदी तब तक पूरी तरह प्रभावी बनी रहेगी, जब तक तेहरान अमेरिका के साथ समझौते पर नहीं पहुंचता, जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा भी शामिल है।
ईरान ने की थी होर्मुज खोलने की घोषणा
इससे पहले, शुक्रवार को इस अहम समुद्री मार्ग को खोलने की ईरान की घोषणा ऐसे समय आई, जब इजरायल और ईरान समर्थित लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह के बीच 10 दिनों का युद्धविराम कायम नजर आया। दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल की आपूर्ति इसी जलमार्ग से होती है। हालांकि, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने पहले ही चेताया था कि अगर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही तो होर्मुज स्ट्रेट खुला नहीं रहेगा और फिलहाल स्थिति पूरी तरह से बदली हुई नजर आ रही है।
सनद रहे कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 'एक्स' पर बताया था कि सोमवार से शुरू हुई नाकेबंदी के बाद से अमेरिकी बल 21 जहाजों को वापस ईरान भेज चुके हैं। ट्रंप ने ईरान पर नाकेबंदी अपने उस प्रयास के तहत लगाई थी, जिसका उद्देश्य तेहरान पर दबाव बनाकर होर्मुज खुलवाना और पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम को स्वीकार कराना था।
