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Iran-Israel War: उत्तरी गाजा में इजराइली हमलों में 22 लोगों की मौत, US की चेतावनी के बावजूद ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं

Iran-Israel War: इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और मिसाइल निर्माण इकाइयों को निशाना बनाया। इसमें कई ईरानी सैन्य अधिकारियों की मौत की भी खबर है। हमले के बाद अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि वो इजरायल से बदला लेने की न सोचे क्योंकि इससे बड़ा युद्ध छिड़ सकता है। इस बीच खबर आई है कि गाजा पर इजराइल द्वारा किए गए हमलों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई है।

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उत्तरी गाजा में इजराइली हमलों में 22 लोगों की मौत

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Iran-Israel War: उत्तरी गाजा पर इजराइल द्वारा किए गए हमलों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई है। फलस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन सेवा ने बताया कि उत्तरी शहर बेत लाहिया में शनिवार देर रात कई मकानों एवं इमारतों पर हुए इन हमलों में मारे गए लोगों में 11 महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। उसने कहा कि 15 अन्य लोग घायल हुए हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। इजराइली सेना ने इन हमलों को लेकर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। इजराइल पिछले तीन सप्ताह से उत्तरी गाजा में बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमले कर रहा है। उसका कहना है कि हमास के चरमपंथी वहां फिर से संगठित हो गए हैं। सालभर से जारी युद्ध के दौरान विस्थापन की ताजा लहर में सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों फलस्तीनी गाजा सिटी छोड़कर चले गए हैं। इजराइल गाजा में रोजाना हमले कर रहा है। साथ ही वह लेबनान में हिजबुल्ला के साथ युद्ध लड़ रहा है।

इजराइल ने ईरान के सैन्य स्थलोंं को बनाया निशाना

इजराइल ने शनिवार सुबह ईरान पर हवाई हमले किए और कहा कि उसने ईरान द्वारा इस महीने की शुरुआत में इजराइल पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के जवाब में उसके सैन्य स्थलों को निशाना बनाया। ईरान हमास और हिजबुल्ला का समर्थन करता है। इन हमलों ने दोनों कट्टर शत्रुओं के बीच ऐसे समय में पूर्ण युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है, जब पश्चिम एशिया में ईरान समर्थित चरमपंथी समूह- गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्ला- पहले से ही इजराइल के साथ युद्धरत हैं। इजराइल का कहना है कि उसने गाजा में केवल चरमपंथियों को निशाना बनाकर हमले किए हैं और वह हमलों में आम नागरिकों की मौत होने के लिए हमास को दोषी ठहराता रहा है क्योंकि ये चरमपंथी घनी आबादी वाले इलाकों में लड़ते हैं।

अमेरिका ने ईरान को दी चेतावनी

हमास ने सात अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजराइल पर हमला कर करीब 1200 लोगों की हत्या कर दी थी और करीब 250 लोगों को बंधक बना लिया था। करीब 100 बंधक अब भी गाजा में हैं जिनमें से एक तिहाई बंधकों के मारे जाने की आशंका है। फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमास के हमले के बाद इजराइल की जवाबी कार्रवाई में 42000 फलस्तीनी मारे गए हैं। इस बीच, हमले के बाद अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि वो इजरायल से बदला लेने की न सोचे, लेकिन ईरान बदला लेने पर अड़ा हुआ है। ईरान ने कहा है कि वो अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाता रहेगा। ईरान के बयान के बाद मिडिल ईस्ट में फिस से बड़ा युद्ध छिड़ने के आसार हो गए हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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