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इजराइल ने तोड़ी ईरान की कमर, बैलिस्टिक मिसाइल की 'सॉलिड फ्यूल' फैक्टरी को ही किया तबाह; अब हमला करने से पहले 100 बार सोचेगा

Israel Iran War: येरूशलेम पोस्ट के अनुसार, इजराइली सेना (IDF) ने ईरान के एक दर्जन ठिकानों को निशाना बनाया। इजराइल ने जानबूझकर वहां बम गिराए, जहां लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाया जाता था। इससे ईरान को काफी नुकसान हुआ है।

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इजराइल-ईरान संघर्ष।

Photo : Twitter

Israel Iran War: ईरान पर इजराइल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अब दुनिया ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। इस बीच खबर है कि इजराइल ने शनिवार तड़के किए गए हमले में ईरान की कमर तोड़कर रख दी है। येरूशलेम पोस्ट के अनुसार, इजराइली सेना (IDF) ने ईरान के एक दर्जन ठिकानों को निशाना बनाया। इजराइल ने जानबूझकर वहां बम गिराए, जहां लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाया जाता था। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान को इससे काफी नुकसान हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली रक्षा बलों ने ईरान के उन लक्ष्यों को भी निशाना बनाया, जिन्हें ईरान अपने दम पर नहीं बना सकता था और उन्हें चीन से खरीदना पड़ता था। इसके अलावा इजरायली सूत्रों से यह भी पता चला है कि IDF ने चार एस-300 एयर डिफेंस सिस्टम को भी तबाह किया है, जिन्हें ईरान के परमाणु और ऊर्जा कार्यक्रमों की रक्षा करने के लिए तैनात किया गया था।

जिन मिसाइलों से इजराइल पर हुआ था हमला, वो भी हुई तबाह

बता दें, बीते 1 अक्टूबर को ईरान ने इजराइल पर हमला किया था। इस हमले में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल खेइबर और हज कासेम का इस्तेमाल किया गया था। अब इजराइल ने शनिवार को किए गए हमले में इन मिसाइलों को चलाने वाले सॉलिड फ्यूल मिक्सर को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि जिन S-300 एयर डिफेंस बैटरियों पर हमला किया गया, वे रूस निर्मित थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री पूरी तरह से नष्ट हो गई।

ईरान ने दिया संघर्ष विराम का सुझाव

इस बीच ईरान की सेना ने शनिवार रात एक बयान जारी किया जिसमें गाजा पट्टी और लेबनान में संघर्षविराम का सुझाव दिया गया। इस संबंध में ईरानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसे इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन बयान से ऐसे संकेत मिलते हैं कि तेहरान शनिवार तड़के हुए इजराइल के हमले के बाद तनाव को और बढ़ने से रोकने का रास्ता तलाशने की कोशिश कर रहा है। ईरान की सेना ने कहा कि इजराइल ने हमलों में इराकी हवाई क्षेत्र से तथाकथित ‘स्टैंड-ऑफ’ मिसाइलों का इस्तेमाल किया और ईरान के तीन प्रांतों में लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए ये हथियार बहुत हल्के थे। बयान में कहा गया कि ईरानी सैन्य राडार स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं, लेकिन कुछ की मरम्मत पहले से ही जारी थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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