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IRGC का कुवैत में US एयरबेस तबाह करने का दावा; अमेरिका बोला- 'हमारा कोई नुकसान नहीं हुआ'

US Iran Conflict: ईरान के IRGC ने कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर हमले और ड्रोन हैंगर तबाह करने का दावा किया, जिसे अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सिरे से खारिज कर दिया है।

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मिडिल ईस्ट में गश्ती के दौरान अमेरिकी F-16 जेट (फाइल फोटो | X/@CENTCOM)

West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिका संचालित 'अली अल सालेम' एयरबेस पर बड़ा हमला कर दो ड्रोन हैंगर और विमानों के ईंधन डिपो को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी बयान में कुवैत के नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि जब तक अमेरिकी 'काबिज और लुटेरी सेना' को इस क्षेत्र से बेदखल नहीं कर दिया जाता, तेहरान की सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का जवाब: "दावे बेबुनियाद"

IRGC के इन दावों को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में CENTCOM ने कहा कि हाल ही में हुए किसी भी ईरानी हमले में अमेरिकी विमानों या सैन्य संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

पोस्ट में लिखा था कि ईरान की ओर से दागी गई सभी मिसाइलों और ड्रोन को या तो बीच हवा में मार गिराया गया या वे अपने निशाने तक पहुंचने में पूरी तरह नाकाम रहे। क्षेत्र में तैनात 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोत, सैकड़ों विमान और हजारों सैनिक पूरी तरह मुस्तैद हैं।

F-35 तबाह करने के दावों पर भी तकरार

इससे पहले तेहरान ने जोर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर मिसाइल हमले का दावा करते हुए कहा था कि उसने अमेरिका के तीन F-35 फाइटर जेट्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया है और तीन अन्य को भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरान का कहना था कि यह कार्रवाई द्वीप समूह केशम पर अमेरिकी हमले का बदला थी। हालांकि, पेंटागन और जोर्डन की सेना ने इस दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि सभी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया था।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, बढ़ा वैश्विक ऊर्जा संकट

दोनों देशों के बीच भीषण हवाई और नौसैनिक वार-पलटवार के बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद कर दिया है। इसके कारण मध्य पूर्व से तेल और गैस की समुद्री आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा मिस्र के गैस आयात केंद्र और कुवैत में एक चीनी कंपनी के ठिकाने पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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