Manchester Minshull Street Crown Court Wife Rape: यूनाइटेड किंगडम (UK) के ग्रेटर मैनचेस्टर क्षेत्र स्थित मैनचेस्टर मिनशुल स्ट्रीट क्राउन कोर्ट (Manchester Minshull Street Crown Court) में एक अत्यंत भयानक और सनसनीखेज आपराधिक मामला सामने आया है। एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी को वर्ष 2004 से 2025 तक (लगभग 20 वर्षों के दौरान) गुप्त रूप से नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बलात्कार, यौन उत्पीड़न और अश्लील सामग्री साझा करने के 60 अलग-अलग आरोपों को अदालत के समक्ष रोते हुए स्वीकार कर लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता भी अपने परिजनों के साथ अदालत की पब्लिक गैलरी में मौजूद थी। जहां वह रोते हुए सिर झुकाए सबकुछ अपनी आंखों से देखती रही।
20 साल तक जारी रहा दरिंदगी का सिलसिला
Daily Mail में छपी खबर में अदालत में पेश की गई जानकारी के अनुसार बताया गया, आरोपी पति ने ग्रेटर मैनचेस्टर के स्टॉकपोर्ट स्थित अपने पारिवारिक आवास में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया:
नशीला पदार्थ देकर असहाय बनाना: आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी की जानकारी के बिना उसे बेहोश या असहाय करने की नीयत से नशीले पदार्थ दिए ताकि वह उसके साथ यौन अत्याचार कर सके।
आरोपों की सूची: आरोपी ने 60 आरोपों में बलात्कार, पेनिट्रेशन उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म के प्रयास और आपत्तिजनक तस्वीरें/वीडियो साझा करने की बात कबूल की।
13 अन्य पुरुष भी आरोपी, 12 ने किया इनकार
इस पूरे आपराधिक नेटवर्क में पति के अलावा 13 अन्य पुरुष भी शामिल हैं, जिन पर पीड़िता के खिलाफ विभिन्न यौन अपराधों और साजिश का आरोप है:
विभिन्न पेशों से जुड़े आरोपी: आरोपियों में एम्बुलेंस पैरामेडिक, पूर्व नाइटक्लब डीजे, फुटबॉल क्लब का पूर्व मुख्य कार्यकारी (CEO), और यूनिवर्सिटी तकनीशियन शामिल हैं।
दोष स्वीकार व इनकार: 13 में से 12 आरोपियों ने बलात्कार, साजिश और यौन उत्पीड़न के आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
एक अन्य दोषी: डंडी यूनिवर्सिटी के 59 वर्षीय तकनीशियन कीथ फॉदरिंघम ने फरवरी 2026 में ही बलात्कार की साजिश और नशीला पदार्थ देने सहित चार आरोपों में अपना गुनाह कबूल कर लिया था।
अक्टूबर में शुरू होगा मुख्य ट्रायल
मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट में इस मामले के बाकी आरोपियों के खिलाफ मुख्य सुनवाई (Trial) अक्टूबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है, जो कम से कम दो महीने तक चलेगी। अदालत ने कई मुख्य आरोपियों को कस्टडी में रखा है, जबकि कुछ को जमानत दी गई है।
