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ईरान में फांसी देने का सिलसिला जारी, अब इजराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में एक और शख्स को मिली मौत

जून में इजराइल के साथ युद्ध के बाद से इरान नौ लोगों को जासूसी के आरोप में फांसी दे चुका है। यह नई फांसी तब हुई जब इरान ने इस वीकेंड में अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा तेहरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद अपने दुश्मनों से निपटने का संकल्प लिया था।

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इजराइल के लिए जासूसी के आरोप में एक व्यक्ति को फांसी दी गई। (Photo-AP)

Iran Israel News: इरान ने सोमवार को कहा कि उसने इजराइल के लिए जासूसी के आरोप में एक व्यक्ति को फांसी दे दी। यह कदम तेहरान द्वारा दशकों में अब तक की सबसे बड़ी फांसी की सजा देने की कार्रवाई का हिस्सा है। इरान ने फांसी दिए गए व्यक्ति की पहचान बहमन चूबियासल के रूप में की। यहां बड़ी बात ये थी कि एक्टिविस्टों को इस मामले की कोई ज्यादा व तुरंत जानकारी नहीं थी और ना ही मीडिया में कोई जिक्र था।

हालांकि, यह फांसी तब हुई जब इरान ने इस वीकेंड में अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा तेहरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद अपने दुश्मनों से निपटने का संकल्प लिया था।

मोसाद से मिले होने का आरोप

इरान ने चूबियासल पर इजराइल की जासूसी एजेंसी मोसाद के अधिकारियों से मिलने का आरोप लगाया। इरान की मिजान न्यूज एजेंसी ने कहा कि चूबियासल 'महत्वपूर्ण टेलीकम्युनिकेशन प्रोजेक्ट्स' पर काम करता था और 'इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आयात के तरीकों' के बारे में रिपोर्ट करता था।

अब तक नौ को फांसी

जून में इजराइल के साथ युद्ध के बाद से इरान नौ लोगों को जासूसी के आरोप में फांसी दे चुका है। इजराइल ने इरान पर हवाई हमले किए थे, जिसमें 1,100 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें कई सैन्य कमांडर भी शामिल थे। इसके जवाब में इरान ने इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं थीं।

फांसी की जासूसी वजह या कुछ और?

इस महीने की शुरुआत में, इरान ने बाबक शाहबाजी को फांसी दे दी थी, जिस पर उसने इजराइल के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया था। हाल के वर्षों में इरान में अर्थव्यवस्था, महिलाओं के अधिकारों की मांग और देश की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर कई बड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इन विरोध प्रदर्शनों और जून के युद्ध के बीच इरान ने 1988 के बाद से सबसे अधिक लोगों को फांसी दी है। तब इरान-इराक युद्ध के अंत में उसने हजारों लोगों को फांसी दी थी।

1,000 से अधिक लोगों को फांसी

ओस्लो स्थित इरान ह्यूमन राइट्स और वाशिंगटन स्थित अब्दुर्रहमान बरोमंद सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन इरान के अनुसार, 2025 में 1,000 से अधिक लोगों को फांसी दी गई, लेकिन उन्होंने कहा कि यह संख्या और भी अधिक हो सकती है क्योंकि इरान हर फांसी की जानकारी नहीं देता।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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