Iran US Tension: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की सेहत को लेकर सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में चल रही अटकलों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। भारत में ईरान के उप-प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद हुसैन जियाईनिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी सेहत को लेकर फैल रही खबरें गलत और भ्रामक हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार आयतुल्लाह खामेनेई ठीक हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सेहत को लेकर जो भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है।
दुनिया में कई देश सिर्फ तेल और गैस की कीमतों की कर रहे चिंता-ईरान
डॉ. ज़ियाईनिया ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर भी ईरान का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा यह कहा है कि इस संघर्ष की शुरुआत उसने नहीं की है, बल्कि वह इसका अंत तय करेगा। उनके अनुसार, यह बात ईरान के दिवंगत नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की विचारधारा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय तनाव में हर देश किसी न किसी रूप में भूमिका निभा सकता है, चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में कई देश सिर्फ तेल और गैस की कीमतों की चिंता करते हैं, लेकिन उन लोगों की जान की कीमत पर ध्यान नहीं देते जो इस संघर्ष में अपनी जान गंवा रहे हैं।
देश की आंतरिक स्थिति पर उठ रहे सवालों को भी किया खारिज
ईरानी प्रतिनिधि ने देश की आंतरिक स्थिति पर उठ रहे सवालों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि ईरान का शासन किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह एक गणतांत्रिक व्यवस्था है, जिसमें पूरा ढांचा मौजूद है। इसलिए यह कहना गलत है कि किसी एक नेता के बिना देश अस्थिर हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिमी मीडिया अक्सर ईरान को लेकर गलत तस्वीर पेश करता है और देश के भीतर विभाजन दिखाने की कोशिश करता है। जबकि वास्तविकता यह है कि ईरानी जनता एकजुट है और बाहरी दबावों के बावजूद देश में स्थिरता बनी हुई है। गौरतलब है कि फरवरी के अंत में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच तनाव के बाद संघर्ष शुरू हुआ था, जिसके बाद अप्रैल में दोनों पक्षों के बीच अस्थायी संघर्षविराम लागू किया गया। इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी देखा गया है।
