दुनिया

बंद किया एयरस्पेस, रोकी उड़ानें, फिर कुछ घंटे बाद ही शुरू कीं फ्लाइट्स...इजराइल के डर से कंफ्यूज हुआ ईरान

Israel Iran Conflict: ईरान ने रविवार रात 9 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक के लिए सभी तरह की फ्लाइट्स और सभी एयरपोर्ट बंद करने का आदेश जारी किया था। हालांकि, फ्लाइट्स रद्द करने की समय सीमा खत्म होने से 6 घंटे पहले ही ईरान ने प्रतिबंध को हटा लिया।

Image

ईरान ने कुछ ही घंटे में हटाया उड़ानों पर प्रतिबंध।

Israel Iran Conflict: इजराइल पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागने के बाद ईरानी सरकार जबर्दस्त टेंशन में है। ईरान को डर है कि इजराइल उस पर कभी भी हमला कर सकता है। हालांकि, यह किसी को नहीं पता कि इजराइल कब और कहां हमला करेगा। इन आशंकाओं के बीच ईरानी एयर स्पेस में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसकी बानगी तब देखने को मिली जब ईरान ने सभी एयरपोर्ट और उड़ानों को बंद करने के आदेश के कुछ घंटे बाद संचालन शुरू कर दिया।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने रात भर के लिए सभी तरह की फ्लाइट्स और सभी एयरपोर्ट बंद करने का आदेश जारी किया था। यह आदेश रविवार रात 9 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक के लिए था। हालांकि, फ्लाइट्स रद्द करने की समय सीमा खत्म होने से 6 घंटे पहले ही ईरान ने प्रतिबंध को हटा लिया और अपने एयरस्पेस को भी खोल दिया।

कंफ्यूजन में ईरानी एयर स्पेस

ईरान के नागरिक उड्यन संगठन की ओर से जारी पहले के आदेश में कहा गया था कि वह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। बाद में स्टेट मीडिया की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नागरिक उड्डयन संगठन द्वारा सुरक्षित फ्लाइट की स्थिति सुनिश्चित करने के बाद, सभी घोषित प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और एयरलाइन्स को फ्लाइट्स संचालन करने की अनुमति दी गई है। स्टेट मीडिया के प्रवक्ता ने इसके आलवा कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने इतना जरूर कहा कि परिचालन प्रतिबंधों की वजह से शुरु में उड़ानें रद्द की गई थीं।

इजराइल की तरफ से थी हमले की आशंका

जानकारों का कहना है कि ईरान को डर था कि हमास हमले की बरसी पर इजराइल उसपर हमला कर सकता है। इसलिए इस तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे। दरअसल, 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल पर हमला किया था, जिसके बाद से अब तक जंग जारी है। मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग को आज एक बरस पूरा हो रहा है। वहीं, इजराइल ने कसम खाई है कि पिछले दिनों ईरान की ओर से किए गए हमले के लिए उसे कीमत चुकानी होगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article