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खाड़ी में जंगी हालात के बीच संयुक्त राष्ट्र पर भड़का ईरान; बोला- UN परमाणु चीफ जानबूझकर पक्षपात कर रहे

Iran Israel Conflict: ईरान-इजरायल युद्ध के 100वें दिन दोनों देशों के बीच भीषण मिसाइल हमले हुए हैं, जिससे अमेरिका की परमाणु डील खटाई में पड़ गई है। इस बीच तेहरान ने UN की परमाणु एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।

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IAEA के चीफ राफेल ग्रॉसी पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप (फाइल फोटो | AP)

Photo : AP

Iran Israel Conflict: पश्चिम एशिया में जारी जंग के 100वें दिन हालात बेहद विस्फोटक हो गए हैं। इजरायल और ईरान के बीच अप्रैल में हुए सीजफायर के टूटने के बाद दोनों देशों ने सोमवार को एक-दूसरे पर सीधे मिसाइल हमले किए। इस भीषण सैन्य तनाव के बीच, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की परमाणु निगरानी संस्था 'अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी' (IAEA) के खिलाफ बेहद कड़ा राजनयिक रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान ने IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी पर निष्पक्षता से समझौता करने और ईरान के खिलाफ "जानबूझकर पक्षपात" करने का खुला आरोप लगाया है।

परमाणु वॉचडॉग की विश्वसनीयता पर ईरान का सवाल

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने तेहरान में आयोजित एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था की विश्वसनीयता पर सीधे सवाल उठाए। बाघेई ने कहा कि IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी का मौजूदा रुख और उनके हालिया आकलन राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।

ईरान का आरोप है कि ग्रॉसी का यह पक्षपातपूर्ण रवैया इस अथॉरिटी की मूल साख और वैधता को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी को तेहरान की आलोचना करने के बजाय उन ताकतों को जवाबदेह ठहराना चाहिए जो ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाती रही हैं।

समुद्री रास्ते भी ठप

यह गतिरोध ऐसे समय में बढ़ा है जब सोमवार को युद्ध के 100 दिन पूरे होने पर इजरायल और ईरान ने एक-दूसरे के खिलाफ भीषण हवाई और मिसाइल हमले किए। इस ताजा हमले से पूरे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस टकराव में ईरान के एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया, जिसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इजरायल के दो सैन्य ठिकानों और हाइफा के औद्योगिक क्षेत्र पर मिसाइलें दागने की पुष्टि की। इस तनातनी के बीच, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इजरायली जहाजों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है, जिससे वैश्विक व्यापार का यह प्रमुख समुद्री रास्ता ब्लॉक हो गया है। बता दें कि इस ताजा हिंसा की शुरुआत रविवार को हुई, जब इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर भारी हवाई हमले किए। इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने इजरायल पर जवाबी मिसाइलें दागीं, जिसके बाद सोमवार को दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलाबारी का सिलसिला शुरू हो गया।

ट्रंप की 'परमाणु डील' खटाई में, भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति

यह भीषण सैन्य टकराव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बहुत बड़ा झटका है, जो ईरान के साथ एक व्यापक परमाणु समझौता करने के बेहद करीब थे। ट्रंप लगातार इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सैन्य संयम बरतने का दबाव बना रहे थे। एक हालिया इंटरव्यू में ट्रंप ने मध्यस्थता पर अपना दबदबा दिखाते हुए साफ कहा था कि इस पूरे मामले में फैसले वे खुद ले रहे हैं। ट्रंप ने नेतन्याहू को चेतावनी दी थी कि अगर इजरायल ने जवाबी हमला किया, तो यह अंतहीन चक्र क्षेत्र को हमेशा के लिए हिंसा की आग में झोंक देगा। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में अपनी भारी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "हम समझौते के बेहद करीब हैं। मुझे लग रहा था कि सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक डील साइन हो जाएगी, लेकिन तभी यह सब (हमला) हो गया।"

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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