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SCO के मंच से पीएम मोदी ने 'अलकायदा' को लेकर कही यह अहम बात, पहलगाम हमले का जिक्र कर PAK को घेरा

शंघाई सहयोग परिषद (SCO Summit) की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अलकायदा (Al Qaeda) और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की।

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SCO Summit में पीएम मोदी का संबोधन (फोटो: X)

चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग परिषद की बैठक (SCO Summit) में आज सम्मेलन को पीएम मोदी (PM Modi) ने संबोधित किया और खास तौर पर आतंकवाद का मुद्दा सामने रखते हुए इसके खिलाफ मिलकर लड़ने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अलकायदा (Al Qaeda) और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की।

पीएम मोदी ने कहा कि 'भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अल-क़ायदा और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की... हमने आतंकवाद के वित्तपोषण के ख़िलाफ़ आवाज उठाई। इसमें आपके सहयोग के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।'

पीएम मोदी ने आगे कहा कि कहा कि आतंक शांति के लिए बड़ा खतरा है। हमें साइबर आतंक से निपटना होगा, आंतकवाद पर जीरो टालरेंस नीति जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ को बिना उनका नाम लिये आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा। पीएम मोदी ने कहा, 'भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। हाल ही में, हमने पहलगाम में आतंकवाद का सबसे बुरा रूप देखा'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में एससीओ समिट के दौरान SCO का मतलब बताते हुए कहा कि S-सिक्योरिटी, C-कनेक्टिविटी और O- अपॉर्च्युनिटी।

'सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार हैं। लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद इस राह में बड़ी चुनौतियां हैं। आतंकवाद सिर्फ एक देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक साझा चुनौती है। कोई भी देश, कोई भी समाज, कोई भी नागरिक इससे खुद को सुरक्षित नहीं मान सकता। इसलिए, भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकता पर जोर दिया है।

'हमें हर रूप और रंग के आतंकवाद का सर्वसम्मति से विरोध करना होगा'

पीएम मोदी ने कहा, हमें स्पष्ट रूप से और सर्वसम्मति से कहना होगा कि आतंकवाद पर कोई भी दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है। यह हमला (पहलगाम) मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश और व्यक्ति के लिए एक खुली चुनौती थी। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुला समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है। हमें हर रूप और रंग के आतंकवाद का सर्वसम्मति से विरोध करना होगा। मानवता के प्रति यह हमारा कर्तव्य है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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