Pakistan sponsored terrorism: अमेरिकी में भारतीय दूतावास मंगलवार को कैपिटल हिल में एक प्रदर्शनी का आयोजन करेगा, जिसमें पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को उजागर किया जाएगा। साथ ही पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी भी मनाई जाएगी, जिसके बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ था। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा "आतंकवाद की मानवीय कीमत" नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। यह ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध में खुद को शांतिदूत के रूप में पेश कर रहा है।
22 अप्रैल को पहलगाम हमले की पहली बरसी
22 अप्रैल को पहलगाम हमले की पहली बरसी है, जब पाकिस्तान स्थित संगठनों के आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। भारत ने पिछले साल जुलाई में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भी इसी तरह की एक प्रदर्शनी आयोजित की थी, जब पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाली थी।

पहलगाम हमला
इस डिजिटल प्रदर्शनी में दुनिया भर में हुए भयावह आतंकवादी हमलों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिनमें 1993 के मुंबई बम विस्फोट, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और पहलगाम आतंकवादी हमला शामिल हैं, और हर हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादी संगठनों के नाम बताए जाएंगे, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा जैसे कई पाकिस्तान स्थित आतंकी और इनके संगठन शामिल हैं।
पाकिस्तान के 9 ठिकानों पर हमले
पहलगाम हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इसके तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसमें किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया। ये कदम पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के मद्देनजर उठाए गए थे जिसमें 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी।
भारत का रुख बेहद सख्त, सेना को पूरी आजादी
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत का रुख बेहद सख्त रहा। भारत के तेवर देख पाकिस्तान भी घबरा उठा था और कभी परमाणु बम की धमकी देने लगा तो कभी निष्पक्ष जांच का राग अलापा। लेकिन उसने आतंकियों पर कार्रवाई की बात एक बार भी नहीं की है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं जिनमें अटारी में बॉर्डर बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को निलंबित करना, उन्हें अपने देश लौटने के लिए 40 घंटे का समय देना और दोनों पक्षों के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या कम करना शामिल था। भारत ने पहलगाम हमले के मद्देनजर 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी स्थगित कर दिया था, इसे लेकर पाकिस्तान ने युद्ध की धमकी भी दी थी।
