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भारत और चीन की सीमा पर अब कैसे हैं हालात? पीछे हटने के समझौते पर चीनी सेना ने दिया ये बड़ा अपडेट

India-China Border Agreement: चीनी सेना ने भारत और चीन के बीच बॉर्डर को लेकर हुए समझौते से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है। सेना ने बताया है कि दोने देश भारत और चीन सीमा से पीछे हटने के समझौते को लागू करने में बड़ी प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि दोनों पक्ष इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं और सैन्य संबंधों में नई प्रगति के लिए नई गति का निर्माण कर सकते हैं।

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भारत-चीन सीमा (फाइल फोटो)

Chinese Army on Border Agreement: चीन के रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में चार साल पहले शुरू हुए गतिरोध को खत्म करने के लिए चीन और भारत की सेनाएं पीछे हटने के समझौते को लागू करने की दिशा में ‘बड़ी प्रगति’ कर रही हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल वू कियान ने यहां मासिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा, 'हम चीन और भारत के बीच सामंजस्यपूर्ण तालमेल की भी उम्मीद करते हैं।'

'संबंधित समझौते को लागू कर रहे हैं दोनों पक्ष'

उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून ने पिछले सप्ताह लाओस की राजधानी वियनतियाने में एक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दौरान एक सकारात्मक और रचनात्मक बैठक की थी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष संबंधित समझौते को लागू कर रहे हैं। उन्होंने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए समझौते के क्रियान्वयन की प्रगति पर एक सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही।

संबंधों को बढ़ावा देने पर व्यक्त की सहमति

वू ने कहा, 'अब, हम बड़ी प्रगति कर रहे हैं।' प्रवक्ता ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने शीर्ष नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने और दोनों देशों के बीच स्थिर संबंधों को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की। वू ने कहा कि दोनों सेनाओं को सीमा क्षेत्रों में तनाव कम करने के लिए हाल में बनी आम सहमति का सख्ती से पालन करना चाहिए, तनाव कम करने के प्रयास करने चाहिए और दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और आदान-प्रदान बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं और सैन्य संबंधों में नई प्रगति के लिए नई गति का निर्माण कर सकते हैं।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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