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रूस-यूक्रेन के बीच सीजफायर वाले प्रस्ताव से भारत ने बनाई दूरी, वोटिंग में अमेरिका भी नहीं हुआ शामिल, जेलेंस्की को झटका

वोटिंग से अनुपस्थित रहने वाले 51 देशों में भारत भी शामिल रहा। बहरीन, बांग्लादेश, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, यूएई और अमेरिका सहित अन्य देश भी वोटिंग शामिल नहीं हुए। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने महासभा में प्रस्ताव का समर्थन करने वाले 107 देशों का आभार जताया। इस प्रस्ताव में पूर्ण सीजफायर एवं यूक्रेनी नागरिकों की वापसी की मांग की गई है।

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यूएन में यूक्रेन ने पेश किया प्रस्ताव।

Photo : AP

Ukraine resolution in UN: रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल, पूरी तरह एवं बिना शर्त सीजफायर लागू करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर हुई वोटिंग से भारत ने मंगलवार को दूरी बना ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंगलवार को यह प्रस्ताव पेश किया गया।'सपोर्ट फॉर लास्टिंग पीस इन यूक्रेन' वाले इस प्रस्ताव को यूक्रेन पर रूसी हमले के चार वर्ष पूरे होने पर पेश किया गया। 193 सदस्यों वाली महासभा में इस प्रस्ताव के पक्ष में 107 वोट और विरोध में 12 वोट जबकि 51 देश अनुपस्थित रहे। महासभा में इस प्रस्ताव को यूक्रेन ने पेश किया था।

अमेरिका ने भी प्रस्ताव से दूरी बनाई

वोटिंग से अनुपस्थित रहने वाले 51 देशों में भारत भी शामिल रहा। बहरीन, बांग्लादेश, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, यूएई और अमेरिका सहित अन्य देश भी वोटिंग शामिल नहीं हुए। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने महासभा में प्रस्ताव का समर्थन करने वाले 107 देशों का आभार जताया। इस प्रस्ताव में पूर्ण सीजफायर एवं यूक्रेनी नागरिकों की वापसी की मांग की गई। जेलेंस्की ने कहा कि शांति चाहने वाला यह प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण कदम है।

अपने सहयोगियों के साथ काम करता रहेगा यूक्रेन-जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि शांति लाने के लिए यूक्रेन अपने वैश्विक सहयोगियों के साथ काम करता रहेगा। X पर अपने एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि 'संयुक्त राष्ट्र में इस प्रस्ताव का समर्थन करने वाले 107 देशों के वह आभारी हैं। महासभा ने शांति की मांग रखने वाले हमारे प्रस्ताव को स्वीकार किया। यह प्रस्ताव पूरी तरह सीजफायर और हमारे लोगों की वापसी मांग करता है।'

युद्धबंदियों का हो पूर्ण आदान-प्रदान-प्रस्ताव

इस प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की मांग दोहराई गई। प्रस्ताव में युद्धबंदियों के पूर्ण आदान-प्रदान, गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिये गए सभी व्यक्तियों की रिहाई और जबरन स्थानांतरित या निर्वासित किए गए सभी नजरबंदियों और नागरिकों की वापसी की मांग को भी दोहराया गया। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर और क्षेत्रीय जलक्षेत्रों तक यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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