Israel Hamas War: इजराइल का सबसे ताकतवर और अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम हमास के रॉकेट हमले के आगे पस्त हो गया। हवाई सुरक्षा प्रणाली आयरन डोम (Iron Dome) ऐसी तकनीक है जो हवा में ही दुश्मनों के रॉकेट और मिसाइल को तबाह कर देती है, मगर हमास ने जब इजराइल पर हमला किया तो महज 20 मिनट में करीब 5 हजार रॉकेट दाग दिए। ये एयर डिफेंस सिस्टम हमास के हमले को पूरी तरह रोक पाने में नाकाम हो गया और कुछ रॉकेट्स इजराइल में गिरे, जिससे 700 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
हमास के पास रॉकेट्स, इजराइल के पास आयरन डोम
आयरन डोम एक ऐसा सिस्टम जो दुश्मन के रॉकेट्स, मिसाइल और ड्रोन को देखते ही हवा में ही मार गिराता है। इसकी रेंज 70 किलोमीटर है। हमास के पास 114 मिलीमीटर के शॉर्ट रेंज रॉकेट्स हैं, इनमें कम दूरी वालों में 20 किलोमीटर और 15 किलोमीटर रेंज वाले रॉकेट्स शामिल हैं। 20 किलोमीटर रेंज वाले 2500 रॉकेट स्मगलिंग करके मंगाए। इसी रेंज वाले 200 ग्रैड रॉकेट्स खुद बनाए और इतने ही स्मगलिंग करके मंगाए। 15 किमी रेंज वाले 1000 सेल्फ प्रोपेल्ड रॉकेट हैं।
200 आधुनिक ग्रैड रॉकेट्स सेल्फ प्रोपेल्ड है, जिनकी रेंज 45 किमी है और इसी रेंज के 1000 रॉकेट्स स्मगलिंग करके मंगाए गए। हमास ने 400 रॉकेट्स 80 किमी रेंज वाले खुद से बनाए। इनमें कई अलग-अलग मारक क्षमताओं वाले रॉकेट्स शामिल हैं। इसके अलावा हमास के पास 100 से 200 किलोमीटर रेंज वाले भी दर्जनों रॉकेट्स हैं।
हमास के पास मौजूद रॉकेट्स से पूरा इजराइल खतरे में है। इनमें 160 किलोमीटर रेंज वाला R160 रॉकेट्स शामिल है। हमास इस रॉकेट्स से इजराइल में कहीं भी हमला कर सकता है। इसके अलावा 75 किलोमीटर रेंज वाले M-75 रॉकेट्स भी हमास के पास उपलब्ध हैं। इस रॉकेट की खास बात ये है कि ये 60 किलो हथियार ले जाने में सक्षम है।
जीपीएस गाइडेड ड्रोन्स और मिसाइल से बढ़ेगी मुसीबत?
हमास के पास जीपीएस गाइडेड ड्रोन्स और मिसाइल भी मौजूद है। हमास रॉकेट्स और मिसाइल की स्मगलिंग करने के साथ-साथ खुद के हथियार भी बना रहा है। वो हथियारों के लिए लगातार रिसर्च कर रहा है और रोबोटिक गाड़ियां, मानवरहित पनडुब्बियां भी भी बना रहा है। रिपोर्ट्स में ये बात सामने आई है कि हमास जीपीएस गाइडेड ड्रोन्स को खिलौनों के साथ मंगवाता है, जिससे किसी को शक ना हो।
कैसे इजराइल की आंखों में हमास ने झोंका धूल?
इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम ड्रोन्स और ग्लाइडर को नहीं पकड़ पाता है। ऐसे में रॉकेट से ज्यादा बेहतर ड्रोन्स और ग्लाइडर होते हैं। एक तो इनकी ऊंचाई कम होती है, उपर से ड्रोन्स या ग्लाइडर के जरिए काफी सटीक निशाना लगाया जा सकता है। हमास ने इस बात को समझा और सबसे पहले रॉकेट दागे, इसके बाद मोटर ग्लाइडर से आतंकियों को शहर में उतार दिया। ड्रोन्स और और सेना की घुसपैठ के जरिए इजराइल पर हमला शुरू हो गया।
