Pakistan Flood : पाकिस्तान के पूर्वी इलाके बारिश और बाढ़ की चपेट में है। यहां लगातार भारी बारिश की वजह से बीते 24 घंटे में कम से कम 54 लोगों की जान चली गई है। रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि पिछले तीन सप्ताह में भारी बारिश की वजह से मृतकों की संख्या बढ़कर 178 हो गई है। मानसून की बारिश से इलाके में बाढ़ आ गई है और कई गांव पानी में डूब गए हैं। पाकिस्तान के मौसम विभाग का कहना है कि 2024 जुलाई की तुलना में इस महीने में देश में 82 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।
24 घंटे में पंजाब प्रांत में 54 लोगों की गई जान
अधिकारियों का कहना है कि बीते 26 जून से पाकिस्तान में पंजाब, उत्तर-पश्चिम में खैबर पख्तूनख्वा, दक्षिण में सिंध और दक्षिण-पश्चिम में बलूचिस्तान से अब तक 178 मौतों की रिपोर्ट सामने आई है। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले 24 घंटों में 54 मौतें पंजाब प्रांत में हुईं, जहां 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच सामान्य से 124% अधिक वर्षा दर्ज की गई। गुरुवार को भी भारी बारिश जारी रही, जिससे रावलपिंडी और लाहौर सहित कई शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया।

पाकिस्तान में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तस्वीर-AP
पर्यटकों को प्रभावित क्षेत्रों में न जाने की सलाह
पंजाब के झेलम जिले में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिसके चलते प्रशासन को नावों की मदद से दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकालना पड़ा। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने गुरुवार को एक ताजा बाढ़ अलर्ट जारी किया और स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने की अपील की। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचें, क्योंकि वहां बारिश के कारण भूस्खलन और राजमार्गों के बंद होने की आशंका है।

लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाके में न जाने की सलाह। तस्वीर-AP
बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से निकाला
गुरुवार को टेलीविज़न समाचार फुटेज में देखा गया कि रावलपिंडी शहर के बाहरी इलाके में एक परिवार के तीन सदस्यों को सेना का एक हेलिकॉप्टर उनके घर की छत से सुरक्षित निकालते हुए नजर आया, जहां वे अचानक आई बाढ़ के कारण फंस गए थे। मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी इस्लामाबाद और देश के अन्य हिस्सों में और बारिश की संभावना है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे 2022 जैसी चरम मौसम की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं कर सकते, जब बाढ़ ने देश के एक तिहाई हिस्से को जलमग्न कर दिया था और 1,737 लोगों की जान चली गई थी।
