हिज्बुल्लाह के मुखिया हसन नसरल्लाह को लेकर एक राजदूत ने बड़ा खुलासा किया है। एक लेबनानी राजदूत ने दावा किया है कि हसन नसरल्लाह, इजराइल के साथ सीज फायर के लिए तैयार हो गया था, लेकिन तभी वो इजराइल के हमले में मारा गया।
होना था तीन सप्ताह का युद्ध विराम
लेबनान के ब्रिटेन स्थित राजदूत ने स्काई न्यूज को बताया कि हिजबुल्लाह के मारे गए नेता हसन नसरल्लाह ने अपनी हत्या से कुछ समय पहले ही तीन सप्ताह के युद्ध विराम पर सहमति जताई थी। संडे मॉर्निंग विद ट्रेवर फिलिप्स में पिछले कुछ मिनटों में पूछे जाने पर कि क्या दिवंगत हिजबुल्लाह नेता द्वारा युद्ध विराम का समर्थन करने की अफवाहें सच थीं, रामी मोर्टाडा ने कहा "हां" और कहा कि लेबनानी सरकार - जो उग्रवादी समूह द्वारा संचालित नहीं है - इस योजना पर सहमती व्यक्त की थी। उन्होंने कहा- "हां, हमने इस योजना पर अपनी सहमति जताई थी, जिसे अमेरिका, ब्रिटेन और 15 अन्य देशों ने तैयार किया था।" "दुर्भाग्य से, जब नेतन्याहू न्यूयॉर्क पहुंचे तो क्या हुआ? उन्होंने इस पूरी शांति योजना को खारिज कर दिया और अभी भी ऐसा ही कर रहे हैं।"
दोनों ओर से जारी है हमला
बता दें कि जब पिछले महीने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल का आक्रमण शुरू हुआ था, तब तेजी से युद्ध विराम की बात चली थी, अमेरिका और फ्रांस को उम्मीद थी कि समझौता हो जाएगा। लेकिन यह समझौता नहीं हुआ और इजराइल लेबनान पर हमला बोल रहा है और लेबनान इजराइल पर।
