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यूनुस पर शेख हसीना के पलटवार से भड़की बांग्लादेश सरकार, पूर्व पीएम को लेकर बता दिया अपना मंसूबा

अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने देश के लोगों के खिलाफ ही आतंकवादियों को खुला छोड़ दिया है।

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शेख हसीना पर बांग्लादेश सरकार का प्लान

Sheikh Hasina: मुहम्मद यूनुस पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के जोरदार हमले से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार भड़क गई है। शेख हसीना ने यूनुस पर आतंकवाद फैलाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके जवाब में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना का भारत से प्रत्यर्पण उनके देश की प्राथमिकता है। मुख्य सलाहकार यूनुस के प्रेस सचिव शफीक-उल आलम ने संवाददाताओं से कहा कि यह सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।

शेख हसीना पर मुकदमा चलाने की योजना

उन्होंने बताया कि ढाका हसीना को प्रत्यर्पित करने के अपने प्रयासों को जारी रखेगा ताकि व्यक्तिगत तौर पर उन पर मुकदमा चलाया जा सके। आलम ने कहा कि एक भारतीय मीडिया समूह द्वारा किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि 55 प्रतिशत भारतीय चाहते हैं कि उन्हें वापस ढाका लाया जाए, जबकि कुछ प्रतिशत उन्हें दूसरे देश भेजना चाहते हैं और केवल 16-17 प्रतिशत चाहते हैं कि वे भारत में ही रहें।

शेख हसीना ने यूनुस पर लगाया आराजकता फैलाने का आरोप

अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने देश के लोगों के खिलाफ ही आतंकवादियों को खुला छोड़ दिया है। पांच अगस्त 2024 को छात्रों के विद्रोह के बाद हसीना की 16 साल पुरानी सरकार गिर गई और उन्हें बांग्लादेश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पीड़ितों से की ऑनलाइन बातचीत

हसीना ने 2024 में जुलाई-अगस्त में सरकार के खिलाफ हिंसक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मारे गए पुलिस अधिकारियों की विधवाओं और बच्चों के साथ ऑनलाइन माध्यम से की गई बातचीत में कहा, उन्होंने (यूनुस) सभी जांच समितियों को भंग कर दिया और लोगों को मारने के लिए आतंकवादियों को छोड़ दिया। वे बांग्लादेश को तबाह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं वापस आऊंगी और हमारे पुलिसकर्मियों की मौत का बदला लूंगी। मंगलवार को यह बातचीत सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुई।

हसीना ने कहा कि वह वापस लौटेंगी और सुनिश्चित करेंगी कि पीड़ितों के परिवारों को उनका उचित न्याय मिले। हसीना ने कहा, मैं प्रत्येक पीड़ित परिवार की मदद करूंगी और सुनिश्चित करूंगी कि उनके हत्यारे बांग्लादेश में कानून का सामना करें। मैं वापस आऊंगी। शायद इसीलिए अल्लाह ने मुझे जिंदा रखा है।

हसीना बोलीं, पुलिस की गोलीबारी में नहीं मरे थे प्रदर्शनकारी

उन्होंने दावा किया कि जुलाई-अगस्त के छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोग पुलिस की गोलीबारी के कारण नहीं मरे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अब पोस्टमार्टम किया जाता है, तो वे अपने दावों को साबित कर देंगी। हसीना ने कहा, अगर अब पोस्टमार्टम किया जाता है, तो यह साबित हो जाएगा कि वे पुलिस की गोलीबारी में नहीं मरे थे। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का भी बचाव करते हुए कहा कि अधिकारियों ने अधिकतम संयम दिखाया और केवल तभी कार्रवाई की जब उन पर हमला हुआ। अबू सईद मामले में पुलिस ने तब कार्रवाई की जब उन पर हमला हुआ। मेरे शब्दों में पुलिस ने अधिकतम संयम बरता। पुलिसकर्मियों को एक सुनियोजित योजना के तहत मारा गया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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