बारिश का मौसम आते ही मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। माता-पिता अक्सर बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए क्रीम, जाली या दूसरे उपाय अपनाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कपड़ों का रंग भी इसमें थोड़ा असर डाल सकता है। कुछ वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि मच्छर गहरे रंग के कपड़ों की ओर ज्यादा आकर्षित हो सकते हैं। इसलिए बरसात में बच्चों के कपड़े चुनते समय रंग पर भी थोड़ा ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है।
शोध के मुताबिक, मच्छरों को काला, गहरा नीला, गहरा लाल और दूसरे गहरे रंग ज्यादा नजर आते हैं। इसलिए वे इन रंगों की तरफ जल्दी आकर्षित हो सकते हैं। वहीं सफेद, क्रीम, हल्का नीला और हल्के रंग के कपड़ों की ओर उनका ध्यान अपेक्षाकृत कम जाता है। यही वजह है कि बारिश के मौसम में बच्चों को हल्के रंग के कपड़े पहनाना बेहतर माना जाता है।
यह बात भी समझना जरूरी है कि केवल कपड़ों का रंग बदलने से मच्छर पूरी तरह दूर नहीं रहेंगे। मच्छर सबसे पहले हमारी सांस, शरीर की गर्मी और पसीने की गंध से इंसान तक पहुंचते हैं। कपड़ों का रंग सिर्फ एक छोटी-सी भूमिका निभाता है। इसलिए इसे बचाव का एक अतिरिक्त तरीका मानें, न कि पूरा समाधान।
अगर बच्चा बाहर खेलने जा रहा है, तो उसे पूरे शरीर को ढकने वाले हल्के रंग के कपड़े पहनाएं। घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि वहीं मच्छर सबसे ज्यादा पनपते हैं। शाम के समय बच्चों को ज्यादा देर बाहर न रहने दें और जरूरत पड़ने पर बच्चों के लिए सुरक्षित मच्छर भगाने वाले उत्पाद डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल करें।
बारिश के मौसम में छोटी-छोटी सावधानियां भी बच्चों को बड़ी परेशानी से बचा सकती हैं। गहरे रंग के कपड़ों की बजाय हल्के रंग चुनना एक अच्छा कदम हो सकता है। लेकिन इसके साथ साफ-सफाई, पानी जमा न होने देना और मच्छरों से बचाव के दूसरे उपाय अपनाना भी उतना ही जरूरी है। तभी बच्चों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों के खतरे से बेहतर तरीके से बचाया जा सकता है।
नेचर कम्युनिकेशंस (Nature Communications) जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, मच्छर इंसान की मौजूदगी का पता चलने के बाद गहरे रंगों की ओर ज्यादा आकर्षित हो सकते हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञ बारिश के मौसम में, खासकर बच्चों के लिए, हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह देते हैं। हालांकि, मच्छरों से बचाव के लिए साफ-सफाई और दूसरे जरूरी उपाय अपनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।