ग्रीनलैंड पर अमेरिका के साथ रूस? साफ-साफ कह दिया: डेनमार्क का 'प्राकृतिक' हिस्सा नहीं है Greenland
- Edited by: शिशुपाल कुमार
- Updated Jan 20, 2026, 06:03 PM IST
ग्रीनलैंड पर रूस ने बड़ा बयान दे दिया है, रूस ने साफ कर दिया है कि वो ग्रीनलैंड को डेनमार्क का 'प्राकृतिक' हिस्सा नहीं मानता है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (फाइल फोटो- AP)
ग्रीनलैंड को लेकर रूस ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसे अब अमेरिका की सपोर्ट के नजर से देखा जा रहा है। अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए इरादा जाहिर कर चुका है और यूरोप उसके खिलाफ जाता दिख रहा है। अब रूस ने साफ कर दिया है कि वो ग्रीनलैंड को डेनमार्क का नेचुरल हिस्सा नहीं मानता है।
नाटो पर बरसा रूस
रूसी डिप्लोमेसी के 2025 के परिणामों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने पश्चिम के भीतर "संकट की प्रवृत्तियों" के बारे में बात की, जिसमें ग्रीनलैंड इसका नवीनतम उदाहरण है, क्योंकि यह नाटो के भीतर भी बहुत ज्यादा तनाव पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा, “पिछले एक दशक से पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल स्वरूप का सक्रिय रूप से विरोध कर रहे हैं।”
रूस नहीं करेगा ग्रीनलैंड पर कब्जा- लावरोव
उन्होंने कहा कि रूस ग्रीनलैंड के आसपास की "गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति" पर नजर रख रहा है। लावरोव ने आगे कहा कि रूस, ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने में दिलचस्पी नहीं रखता है और वाशिंगटन जानता है कि रूस की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है।
ग्रीनलैंड, डेनमार्क का हिस्सा नहीं- रूस
उन्होंने कहा कि उनके विचार से ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। लावरोव के अनुसार, "यह न तो नॉर्वे का प्राकृतिक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का। यह एक औपनिवेशिक जीत का हिस्सा है। यह दूसरी बात है कि अब वहां के लोग इसके आदी हो गए हैं और सहज महसूस करते हैं।" इसके साथ ही उन्होंने रूस की ताकत पर बात की और चुनौती भरे अंदाज में कहा कि रूस किसी को भी अपने कानूनी अधिकारों की अनदेखी नहीं करने देगा। उन्होंने कहा, "रूस हमेशा अपने हितों की रक्षा करेगा, किसी के भी कानूनी अधिकारों को चुनौती नहीं देगा, लेकिन वह अपने कानूनी अधिकारों को भी हल्के में नहीं लेने देगा।"